ब्लूम्सबरी ने 'दिल्ली रायट्स-2020' छापने से खींचे हाथ, अनुराग कश्यप बोले- बुक पर बैन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन

ब्लूम्सबरी ने 'दिल्ली रायट्स-2020' छापने से खींचे हाथ, अनुराग कश्यप बोले- बुक पर बैन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन
अनुराग कश्यप

'दिल्ली रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी' (Delhi Riots 2020: The Untold Story) किताब पर विवाद के बीच अनुराग कश्यप ने कहा कि किसी भी चीज को बैन करना फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन को दबाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2020, 7:16 PM IST
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मुंबई. दिल्ली हिंसा पर आधारित किताब 'दिल्ली रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी' (Delhi Riots 2020: The Untold Story) को लेकर विवाद के बाद इसके प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया (Bloomsbury India) ने इसके प्रकाशन से हाथ खींच लिए हैं. वहीं, निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने कहा कि किसी भी चीज पर बैन लगाने का मतलब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression) का दमन है.

नाम लिए बगैर उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''किसी किताब को बैन करना, जिससे मैं सहमत नहीं हूं, ये ऐसा ही है जैसे उस किताब को बैन करना, जिससे मैं सहमत हूं. एक फिल्म को बैन करना जो मुझे ऑफेंड करती है, ये ऐसा ही है, जैसे एक फिल्म को बैन करना जिसे मैंने बनाया है और जो किसी दूसरे को ऑफेंड करती है. किसी भी चीज को बैन करना फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन को दबाना है. इससे फर्क नहीं पड़ता कि इसमें झूठ हैं.ट

दूसरे ट्वीट में कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र विचारों और विरोधी विचारों को स्थान देता है.. और लड़ाई का तरीका असहमति और शिक्षा है और ये हमेशा सच्चाई के लिए संघर्ष रहेगा. लेकिन एक स्वस्थ लोकतंत्र में बैन करना या वापस लेना समाधान नहीं है. मैं इतना ही कहना चाहता हूं.





ब्लूम्सबरी इंडिया ने अपने बयान में कहा, ''बिल्कुल हालिया घटनाओं के मद्देनज़र, हमारे संज्ञान में लाए बिना लेखकों द्वारा प्रकाशन से पहले आयोजित एक वर्चुअल लॉन्च और उन लोगों के शामिल करने पर जिन्हें प्रकाशकों ने मंजूरी नहीं दी होती, हमने किताब का प्रकाशन वापस लेने का फैसला किया है ब्लूम्सबरी इंडिया बोलने की स्वतंत्रता का जोरदार समर्थन करता है, लेकिन समाज के प्रति जिम्मेदारी की गहरी भावना भी रखता है.''

बता दें कि यह किताब मोनिका अरोड़ा, सोनाली चितालकर और प्रेरणा मलहोत्रा ने लिखी है. दिल्ली में इसी साल फरवरी में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी.
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