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39 Years Of Coolie: अमिताभ बच्चन की जिंदगी बचाने के लिए मिला खून बन गया जानलेवा, हादसे से बदल गई एंडिंग!

अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कुली' 2 दिसंबर 1983 में रिलीज हुई थी.

अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कुली' 2 दिसंबर 1983 में रिलीज हुई थी.

‘कुली’ (Coolie) फिल्म की शूटिंग के दौरान पुनीत इस्सर (Puneet Issar) का घूंसा जैसे ही अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) क ...अधिक पढ़ें

मुंबई: अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने लंबे फिल्मी करियर में भले ही कई यादगार फिल्में की हैं लेकिन 2 दिसंबर 1983 को रिलीज हुई फिल्म ‘कुली’ (Coolie) को न तो जनता भूल पाएगी ना ही खुद अमिताभ. अमिताभ, रति अग्निहोत्री (Rati Agnihotri), वहीदा रहमान (Waheeda Rehman), ऋषि कपूर,  कादर खान, पुनीत इस्सर जैसे मंझे हुए कलाकार वाली इस फिल्म के 39 बरस बीत गए हैं, लेकिन फिल्म से जुड़ी घटना को आज भी याद किया जाता है. 1983 की सबसे अधिक कमाई करने वाली बॉलीवुड की फिल्म ‘कुली’ से जुड़ा दर्दनाक किस्सा बताते हैं.

मनमोहन देसाई की फिल्म ‘कुली’ की सफलता के पीछे फिल्म की स्टोरी, एक्टर्स तो थे ही, इस फिल्म के खास पंच को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ सिनेमाघरों में उमड़ पड़ी थी. वही पंच जिसे फिल्म के एडिटर ऋषिकेश मुखर्जी ने फ्रीज कर दिया था. इसी पंच ने अमिताभ की फैमिली-फ्रेंड्स और लाखों चाहने वालों को 39 बरस पहले हलकान कर दिया था. देश भर में जिस एक्टर की जिंदगी बचाने के लिए दुआओं का दौर चला हो, भला उस फिल्म को देखने भीड़ कैसे नहीं जुटती. बॉक्स ऑफिस के लिहाज से ये फिल्म मनमोहन देसाई के लिए वरदान साबित हो गई थी.

पुनीत इस्सर के घूंसे से घायल हो गए थे अमिताभ बच्चन
‘कुली’ फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन को एक तरह से दोबारा जीवन मिला था. इस फिल्म में बिग बी की जान जाते-जाते बची थी ये तो सबको पता है लेकिन कम लोगों को पता है कि इस फिल्म  की वजह से पुनीत इस्सर सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि सचमुच में विलेन बन गए थे. कम लोगों को पता होगा कि पुनीत इस्सर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म ‘कुली’ से की थी. शूटिंग के दौरान फाइट सीन में अपनी जगह से अमिताभ को छलांग लगानी थी, लेकिन वह नहीं हुआ और पुनीत का दमदार घूंसा अमिताभ बच्चन के पेट में लगा. अमिताभ दर्द से तड़पते हुए फर्श पर बैठ गए, आनन-फानन में शूटिंग सेट से होटल ले जाया गया और डॉक्टर्स बुलाए गए.

जख्म ठीक हुआ तो लीवर खराब
अमिताभ को पुनीत का पंच इतना जोरदार लगा कि पेट के अंदर इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी थी. बिग बी के शरीर में खून की कमी हो गई. अमिताभ बच्चन की जान बचाने के लिए ढेर सारे लोगों ने ब्लड डोनेट किया था. मीडिया की खबरों की माने तो करीब 200 से अधिक लोगों ने खून दिया था. 200 रक्तदाताओं से करीब 60 बोतल खून मिला था, जिनमें से एक में हेपेटाइटिस बी का वायरस था. इस हादसे से अमिताभ ठीक हो गए लेकिन कई साल बाद पता चला कि वायरस की वजह से लीवर सिरोसिस हो गया था, जिससे उनका लीवर डैमेज हो गया. मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में खुद अमिताभ ने बताया था कि उनका 25 फीसदी लीवर खराब हो चुका है, सिर्फ 25 फीसदी लीवर के सहारे जीवन चला रहे हैं. बिग बी ने बाद में हेपेटाइटिस बी के टीके के बारे में जागरुकता बढ़ाने के एक्सपीरिएंस को शेयर किया.

 ‘कुली’ की एंडिंग बदल दी गई थी
कहते हैं कि अमिताभ बच्चन के घायल होने की वजह से ‘कुली’ की एंडिंग बदल दी गई थी. पहले स्क्रिप्ट के मुताबिक अमिताभ को कादर खान की गोली लगने से मरते हुए दिखाया गया था लेकिन पंच के बाद घायल होने के बाद मनमोहन देसाई ने फिल्म की एंडिंग बदलने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें डर था कि दर्शकों पर निगेटिव असर पड़ेगा. इसलिए फिल्म में संशोधन करते हुए दिखाया गया कि फिल्म का हीरो ऑपरेशन के बाद ठीक हो गया.

Tags: Amitabh bachchan, Entertainment Special, Puneet Issar

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