अटॉर्नी जनरल ने स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति नहीं दी

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर

किसी व्यक्ति के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए अदालत की अवमानना कानून, 1971 की धारा 15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलीसीटर जनरल की सहमति की जरूरत होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 5:03 AM IST
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नयी दिल्ली. अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ अदालत की आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने से इंकार कर दिया है. राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ अभिनेत्री ने कथित तौर पर ‘‘अपमानजनक और निंदनीय’’ बयान दिए थे.

किसी व्यक्ति के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए अदालत की अवमानना कानून, 1971 की धारा 15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलीसीटर जनरल की सहमति की जरूरत होती है.

अभिनेत्री के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए वकील अनुज सक्सेना ने अटॉर्नी जनरल की सहमति मांगी थी.



वेणुगोपाल ने 21 अगस्त को सक्सेना को लिखे पत्र में कहा कि अभिनेत्री के बयान दो पैराग्राफ में हैं, जो तथ्यात्मक प्रतीत होते हैं और यह बोलने वाले की अपनी धारणा हो सकती है.
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इस मामले में अदालत की निंदा या अदालत के अधिकारों को कमतर करने का अपराध नहीं बनता है. इसलिए मैं स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने से इंकार करता हूं.’’

सक्सेना और अन्य ने आरोप लगाए हैं कि भास्कर ने ‘मुंबई कलेक्टिव’ की तरफ से एक फरवरी 2020 को आयोजित एक पैनल परिचर्चा में ये बयान दिए थे.
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