नुसरत के साथ स्टेज शेयर कर चुके भगवानदास आर्थिक तंगी से परेशान, लकवे से हैं पीड़ित

भगवानदास नुसरत फतेह अली खान, गुलाम अली जैसे गायकों के साथ स्टेज शेयर कर चुके हैं (फाइल फोटो)

भगवानदास नुसरत फतेह अली खान, गुलाम अली जैसे गायकों के साथ स्टेज शेयर कर चुके हैं (फाइल फोटो)

करीब 5 महीने पहले, भगवानदास (Bhagwandas) को उनके शरीर के बाएं हिस्से में लकवा का दौरा पड़ा था और अब उन्हें अपने दाहिने हाथ में भी उसी तरह की जकड़न महसूस हो रही है.

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नई दिल्लीः अपनी लोकप्रियता के चरम पर होने के दौर में भगवानदास (Bhagwandas) ने नुसरत फतेह अली खान (Nusrat Fateh Ali), गुलाम अली (Ghulam Ali) और उस्ताद अल्लाह रक्खा खान (Ustad Allah Rakha Khan) के साथ स्टेज शेयर किया था. तब उन्होंने विदेश के करीब 25 दौरे किए थे. वे हॉलैंड, यूएस, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, ओमान जैसे में अपनी कला का प्रदर्शन करने जाया करते थे. भारत के 50वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने दुबई में एक विशेष परफॉर्मेंस दी थी. आज 70 साल के भगवानदास दिल्ली में कठपुतली कॉलोनी के निवासियों के लिए बनाए गए भीड़-भाड़ वाले ट्रांजिट कैंप में उपेक्षा का जीवन गुजार रहे हैं.

पांच महीने पहले, उनके शरीर के बाएं हिस्से में लकवा का दौरा पड़ा था और उन्हें दाहिने हाथ में भी इसी तरह की जकड़न महसूस हुई थी. भगवानदास कहते हैं, 'काश मैं एक रात भी चैन से सो पाता, जब मुझे दर्द नहीं हुआ होता और मेरा पेट भरा होता. जब मैं नौजवानी में मंच पर अपनी कठपुतली या हारमोनियम के साथ होता था, तब दुनिया मुझ पर फिदा रहती थी. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मुझे देखने और सुनने के लिए सामने बैठे थे.'

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आर्थिक संकट से जूझ रहे सिंगर ने गर्व से बताया, 'मैं उस दौर से हूं, जब हमें हवाई जहाज में स्मोक करने की अनुमति थी.' अपनी पीढ़ी के ज्यादातर प्रवासियों की तरह, वे दिल्ली तब आए थे, जब यहां विशाल खाली मैदान थे. वे याद करते हुए कहते हैं, 'मैं लगभग 10 साल का रहा हूंगा, जब मैंने और मेरे परिवार ने गरीबी से बाहर आने के लिए राजस्थान के झुंझुनू में अपना घर छोड़ दिया था. मैं एक ऐसे परिवार से आया हूं, जहां संगीत और कठपुतली नाच दिखाने की परंपरा थी. हमारा परिवार अपना पेट भरने के लिए, लोगों का मनोरंजन करते हुए एक शहर से दूसरे शहर जाता था. आखिर में, हमने दिल्ली में रहने का फैसला किया. हममें से 33 लोग थे, जिन्होंने शादीपुर के पास एक जगह अपना तंबू लगा दिया था. फिर लोग इसे कठपुतली कॉलोनी कहने लगे.'
सलमान रुश्दी ने 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' में कठपुतली कॉलोनी के निवासियों को 'जादू दिखने वाले' बताया है. वह जगह जहां सबसे बड़े फकीर और मशहूर लोग आते थे. एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था. अब वे एक अस्थाई शिविर में अपना जीवन गुजार रहे हैं.

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