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ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय थीं भानु अथैया, जानें क्यों वापस करना चाहती थीं अकेडमी अवॉर्ड

भानु अथैया चित्रकारी में गोल्ड मेडलिस्ट थीं. (फोटो साभार: Instagram@namratazakaria)

भानु अथैया चित्रकारी में गोल्ड मेडलिस्ट थीं. (फोटो साभार: Instagram@namratazakaria)

भानु अथैया (Bhanu Athaiya) ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय थीं. उन्होंने रिचर्ड अटेनबॉरो की फिल्म 'गांधी' के लिए कॉस्ट्यूम ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली: ‘प्यासा’, ‘गाइड’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों का जिक्र आते ही, इनके लीड एक्टर्स और यादगार सीन नजरों के सामने कौंधने लगते हैं. किसी को गाने याद आते हैं तो किसी को शानदार अभिनय की झलक दिखने लगती है, लेकिन इन बेजोड़ फिल्मों को आइकॉनिक बनाने में अभिनय, गाने, डायलॉग्स और सिनेमैटोग्राफी के अलावा भी एक और चीज है जो बड़ा रोल निभाती है. हम बात कर रहे हैं कॉस्ट्यूम की, जिसके बगैर फिल्मों की कहानी पूरी नहीं हो सकती.

भारतीय सिनेमा में जब कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग की बात आती है, तो भानु अथैया (Bhanu Athaiya) का नाम सबसे ऊपर आता है. उन्होंने लगभग 50 सालों के अंतराल में 100 से अधिक फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किए थे. वे पहली भारतीय हैं, जिन्होंने ऑस्कर अवॉर्ड जीता था. उन्हें यह अवॉर्ड फिल्म ‘गांधी’ के लिए मिला था, जिसे रिचर्ड ऑटेनबॉरो ने निर्देशित किया था.

भानु अथैया ने दो बार जीता था नेशनल अवॉर्ड
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक आर्टिस्ट के तौर पर की थी. वे चित्रकारी में गोल्ड मेडलिस्ट थीं. जब चित्रकारी का संगम सिनेमा से हुआ तो एक जादू हुआ, जिसे दर्शकों ने जाने-अनजाने पर्दे पर महसूस किया. उन्होंने साल 1991 में फिल्म ‘लेकिन’ के लिए अपना पहला नेशनल अवॉर्ड जीता था, फिर ‘लगान’ के लिए उन्हें दूसरा नेशनल अवॉर्ड मिला. भानु अथैया ने आखिरी बार फिल्म ‘स्वदेश’ के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किए थे.

भानु अथैया ऑस्कर ट्रॉफी की सुरक्षा को लेकर थीं चिंतित
भानु अथैया की जिंदगी में ऐसा दौरा आया, जब वे अपनी ऑस्कर ट्रॉफी लौटाना चाहती थीं. दरअसल, वे ट्रॉफी की सुरक्षा को लेकर चंतित थीं, क्योंकि भारत में अवॉर्ड गायब होने के कई मामले सामने आए थे. वे नहीं चाहती थीं कि उनकी ऑस्कर ट्रॉफी की भी यही नियति हो. उन्होंने बीबीसी से हुई एक बातचीत के दौरान कहा था, ‘ट्रॉफी की सुरक्षा का सवाल है. इसकी आगे भी सुरक्षा चाहती हूं.’

भानु अथैया जिंदगी के आखिरी तीन साल ब्रेन ट्यूमर से थीं पीड़ित
भानु अथैया अक्सर ऑस्कर ऑफिस जाया करती थीं. उन्होंने वहां कई विजेताओं की ऑस्कर ट्रॉफियां रखी हुई देखी थीं. उन्हें लगता था कि अगर ट्रॉफी को ऑस्कर के दफ्तर में रखवा दिया जाए तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख पाएंगे. भानु अथैया की जिंदगी के आखिरी तीन साल काफी तकलीफ भरे थे. वे ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थीं. उन्होंने 15 अक्टूबर 2020 को आखिरी सांस ली थी.

Tags: Bollywood news, Entertainment Special, Oscar Awards

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