HBD: अमाल मलिक की रगो में दौड़ता है संगीत, मलाल है पापा डब्बू को नहीं मिला सम्मान!

हैप्पी बर्थडे अमाल मलिक. (फोटो साभार:amaal_mallik/Instragram )

अमाल मलिक (Amaal Mllik ) म्यूजिक इंडस्ट्री में तीसरी पीढ़ी का नुमाइंदगी कर रहे हैं. इनके दादा सरदार मलिक (Sardar Malik) वेट्रन म्यूजिक डायरेक्टर रह चुके हैं और पापा डब्बू मलिक (Daboo Malik) भी म्यूजिक डायरेक्टर,कंपोजर और सिंगर हैं. अमाल को संगीत विरासत में मिली है.

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    मुंबई: म्यूजिक इंडस्ट्री में धमाल मचा रहें अमाल मलिक (Amaal Mllik ) 16 जून 1991 में मुंबई में एक संगीतकार फैमिली में पैदा हुए. अमाल ने कई हिट फिल्मों में संगीत देकर फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक खास मुकाम बना लिया है. बॉलीवुड सिंगर म्यूजिक इंडस्ट्री के युवा चेहरे हैं. बेहद कम उम्र में ही अमाल ने एम एस धोनी : द अन्टोल्ड स्टोरी, (M S Dhoni : The Untold Story) 'कपूर एंड संस', 'बद्रीनाथ की दुल्हनियां', 'सनम रे'  इसके अलावा अभी इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘साइना’ में संगीत दिया है.

    अनु मलिक के भतीजे हैं अमाल मलिक
    अमाल मलिक की रगो में संगीत दौड़ता है. फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने वेट्रन संगीतकार सरदार के मलिक के पोते और डब्बू मलिक के बेटे अमाल के चाचा अनु मलिक हैं. चूंकि घर में संगीत का माहौल था. इसलिए अमाल ने 8 साल की उम्र से ही संगीत सीखना शुरु कर दिया था. अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ही सलमान खान की फिल्म ‘जय हो’ से की. इसके बाद फिल्म ‘रॉय’ में संगीत दिया.  यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन फिल्मफेयर अवॉर्ड में अमाल मलिक को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड से नवाजा गया.

    पापा को वो सम्मान नहीं मिला जिसके हकदार हैं


    अमाल की उम्र भले ही कम है लेकिन समझदारी में किसी से कम नहीं हैं. हाल ही में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में इस संगीतकार ने कहा था कि ‘फिल्म इंडस्ट्री किसी की सगी नहीं होती, जहां आज आप हैं वहां कल कोई और होगा. समय के साथ लोगों की पसंद बदल जाती है. अमाल को मलाल है कि उनके पिता को वह सम्मान कभी नहीं मिला जिसके वो हकदार हैं.  अमाल ने बताया था कि जब उन्हें फिल्म फेयर से बुलावा आया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अमाल को लगता है जो भी सफलता उन्हें मिल रही है वह उनके पापा का ड्यू है.

    मैंने अरमान ने खुद सफलता हासिल की
    बता दें कि पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद शुरू हुए नेपोटिज्म के बवाल पर अमाल मलिक ने भी पुरजोर विरोध किया था. अमाल ने कहा था कि ‘उनके पिता कोई बड़े कंपोजर नहीं हैं लेकिन जो सफलता उनके चाचा अनु मलिक को मिली वैसी उन्हें नहीं मिली. इतना ही नहीं अनु मलिक के कहने पर किसी ने उन्हें काम नहीं दिया बल्कि खुद उन्होंने अपनी बदौलत सफलता हासिल की है. इसके अलावा मेरे भाई अरमान मलिक को जब विशाल डडलानी ने गाने का मौका दिया था तब उन्हें नहीं पता था कि अरमान, डब्बू के बेटे हैं. हम दोनों ने अपनी काबिलियत के दम पर काम करना शुरू किया’.

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