B’day: राम गोपाल वर्मा को जुर्म की कहानी आती है रास, विवादों से रहा है चोली-दामन का साथ

राम गोपाल वर्मा को जन्मदिन की बधाई. (फोटो साभार:rgvzoomin/Instagram)

राम गोपाल वर्मा को जन्मदिन की बधाई. (फोटो साभार:rgvzoomin/Instagram)

राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) एक ऐसे निर्माता-निर्देशक (Producer-Director) हैं, जिन्होंने जुर्म और अंडरवर्ल्ड की दुनिया को कॉर्पोरेट की दुनिया की तरह दिखाया है, जो लोगों में एक अलग तरह की दिलचस्पी पैदा करता है.

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मुंबई: राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन निर्माता-निर्देशक (Producer-Director)  हैं. वह हिंदी, तेलुगु के साथ-साथ अन्य भाषाओं में भी फिल्म बनाते रहे हैं. 7 अप्रैल 1962 को में निजाम के शहर हैदराबाद में राम गोपाल वर्मा का जन्म हुआ था. रामगोपाल ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है लेकिन उन्हें शुरू से किताबों से ज्यादा इंसानों को पढ़ना अच्छा लगता था. राम गोपाल ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगू फिल्म ‘शिवा’ से की. पहली हिंदी फिल्म  ‘रंगीला’ बनाई जो जबरदस्त हिट हुई. आमिर खान और उर्मिला मातोंडकर की इस फिल्म के लिए राम गोपाल को फिल्मफेयर में नॉमिशन मिला. रामू को असली पहचान साल 1998 में आई फिल्म ‘सत्या’ से मिली. मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला जैसे एक्टर वाली यह फिल्म आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्म है. इस फिल्म को फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला.

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा अंडरवर्ल्ड और क्राइम थ्रिलर से जुड़ी फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. वह अब तक ऐसी कई फिल्में बना चुके हैं जिनमें अंडरवर्ल्ड की दुनिया और गैंगस्टर की जिंदगी को दिखाया गया है. उन्हीं में से एक राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘सत्या’ भी रही है. सत्या न केवल राम गोपाल वर्मा के करियर की शानदार फिल्म रही है, बल्कि बॉलीवुड की भी बेहतरीन फिल्म मानी जाती है. फिल्म ‘सत्या’ में भीकू म्हात्रे के किरदार को निभा मनोज बाजपेयी हीरो बन गए. कहते हैं कि ‘सत्या’ के लिए राम गोपाल वर्मा ने सलमान ,आमिर या शाहरुख जैसे बड़े स्टार की जगह मनोज बाजपेयी को चुना और सफल फिल्म बना दिया. इसके बाद रामू ने ‘कंपनी’, ‘डी’, ‘भूत’, ‘वास्तव’ और ‘सरकार’ जैसी जबरदस्त फिल्में बनाई.

अब 2021 में एक बार फिर से जाने माने निर्देशक और निर्माता राम गोपाल वर्मा लेकर आ रहे हैं  'डी कंपनी'. इस फिल्म में एक बार फिर से मुंबई के गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम को दिखा रहे हैं. इस बार की कहानी में दाऊद के शुरूआती जीवन को बताने की कोशिश करेंगे, कैसे दाऊद बना मुंबई का डॉन और कैसे शुरू की उसने अपनी डी कंपनी. मीडिया से बात करते हुए एक बार राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि 'जुर्म एक ऐसी चीज़ है जो लोगों को आकर्षित करती है. अगर आप न्यूजपेपर पढ़ें या टीवी पर देखें तो लोगों को उनकी बातें ज्यादा आकर्षित करती हैं. जैसे कोई गैंग हो या मर्डर मिस्ट्री हो. निर्देशक का इरादा किसी अपराधी को हीरो बनाकर दिखाना नहीं होता. वो बस एक असली गैंगस्टर को दिखा रहा होता है. मैं अपनी सभी फिल्मों में यह करता हूं और ‘डी कंपनी’ में भी यही कर रहा हूं’.




राम गोपाल वर्मा को शोहरत के साथ-साथ विवादों को भी साथ मिला. वह कई बार विवादित बयान  देते  रहे हैं. कभी फिल्म के एक्टर-एक्ट्रेस परर तो कभी भगवान गणेश पर विवादित बयान दे सुर्खियों में रह चुके हैं.
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