COMEDY REVIEW : कौन है ये 'मस्त आदमी' बिस्वा?

Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: August 14, 2017, 1:47 PM IST
COMEDY REVIEW : कौन है ये 'मस्त आदमी' बिस्वा?
बिस्वा कल्याण रथ.
Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: August 14, 2017, 1:47 PM IST
शो - मस्त आदमी
आर्टिस्ट- बिस्वा कल्याण रथ
रेटिंग- 3/5

बिस्वा कल्याण रथ उड़ीसा के रहने वाले हैं और अमेज़न के लिए किए अपने शो "मस्त आदमी" की सफलता को इन दिनों एंजाॅय कर रहे हैं. इस शो में बिस्वा अपने बचपन के किस्सों को साझा करते हुए अपनी जवानी तक आपको लेकर आते हैं और बताते चलते हैं कि कैसे वो बने एक "मस्त आदमी"

परफ़ाॅर्मेंस - 4 स्टार 

काॅमेडी एक्ट पूरी तरह से एक काॅमेडियन की परफ़ाॅर्मेंस पर टिके होते हैं और वहां फिल्म के हीरो की तरह उनके पास कोई रीटेक नहीं होता. ऐसे में ऑडियंस को बांधने और एकाध बार लय टूटने के बाद भी बिस्वा सुपरहिट नजर आते हैं. उनका आवाज को गिराना, उठाना, अपने पिता के साइन की नकल करने पर चेहरे के भावों को बदलना कमाल लगता है. बिस्वा वहां बेस्ट लगते है जब वो 'कूल' लगने के लिए आईआईटी में दाखिला ले लेते हैं और फिर उन्हें पता चलता है कि ओह, यहां तो पहले से ही बहुत सारे कूल लोग मौजूद हैं. बिस्वा की ताकत है, हिंदी बोलते समय उनका उड़िया लहजा झलक आना जो लोगो को ये मानने पर मजबूर कर देता है कि इस आदमी ने वो सब जिया ही होगा जो ये बोल रहा है.

स्क्रिप्ट - 3 स्टार 

अगर आप बिस्वा के पहले के शो देखते आए हैं तो "मस्त आदमी" के दौरान की गई उनकी परफ़ाॅर्मेंस आपको कमजोर लग सकती है लेकिन इसका बड़ा कारण है स्क्रिप्ट. पहले ही बता दें कि गालियों, सेक्सुअल रेफरेंस और टाॅयलेट ह्युमर से भरी इस स्क्रिप्ट को फैमिली के लिए नहीं बनाया गया है. हालांकि कुछ एक जोक्स बहुत हंसाते हैं, लेकिन कहीं कहीं वो फ्लैट भी जाते हैं. ऐसा लगता है कि कुछ एक जगह पर बिस्वा स्क्रिप्ट से कंफर्टेबल नहीं हो पाते हैं और जोक वो जादू पैदा नहीं कर पाता जिसकी उम्मीद आप एक एक्सक्लूसिव काॅमेडी शो से करते हैं. स्क्रिप्ट का सबसे ताकतवर हिस्सा लगता है बिस्वा का अपने पिता के साथ रिश्ता एक्सपलेन करना और पूरी क्लास का उनके पिता जगनमोहन रथ के साइन काॅपी कर लेना.



ओवरआॅल

युवा ऑडियंस के लिए बने इस शो में आपको ऐसे क्षण भी मिलेंगे जब आप हंसते हंसते पेट पकड़ लेंगे. लेकिन ऐसे मोमेंट थोड़े कम हैं, एक एडल्ट तस्वीर से जुड़े जोक पर लाइव ऑडियंस भी असहज होती दिखी और वहां बिस्वा की नकल ढीली होती भी दिखती है, लेकिन वो वापसी करते हैं.एक संगीत बैंड बनाने की असफल कोशिश को बिस्वा ने इतने सजीव तरीके से दिखाया है कि आप कुछ पल के लिए इसे महसूस कर सकते हैं कुल मिलाकर आप इस शो को देखने के बाद निराश नहीं होंगे.

(अगले हफ्ते पढ़िए एक और हिंदी स्टैंड अप काॅमिक का रिव्यू हमारी काॅमिक रिव्यू सीरीज़ में)
First published: August 13, 2017
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