NFAI को मिला सौ साल पुराना पियानो, इस पर बने थे बॉलीवुड के ब्लॉकबस्टर गीत

संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन के शंकर का है ये पियानो. 1987 में उनकी मौत के बाद से ही हो गया था बंद, इसे जर्मनी की शिडमायर कंपनी ने बनाया था.

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 8:14 PM IST
NFAI को मिला सौ साल पुराना पियानो, इस पर बने थे बॉलीवुड के ब्लॉकबस्टर गीत
म्यूजिक डायरेक्टर शंकर का सौ साल पुराना पियानो एनएफएआई के हवाले
अमिताभ सिन्हा
अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 8:14 PM IST
1950-60 के दशक में संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन का कोई जोड़ नहीं था. जिस गाने को धुन दी, वही सुपर-डुपर हिट हुआ और जन-जन की जुबान पर भी चढ़ गया. शंकर-जयकिशन की धुनों से आरके फिल्म्स को अलग करके सोचा भी नहीं जा सकता. साथ ही लता मंगेशकर, हसरत जयपुरी, शैलेन्द्र और मुकेश के साथ उनकी जुगलबंदी तो हिट होने की गारंटी ही थी. उनकी लोकप्रियता का आलम ये है कि भारत सरकार ने उन्हें 1968 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया था.

उनके गानों की खासियत थी पियानो का खूबसूरत इस्तेमाल, जो उनकी धुनों को एक अलग ही रंग दे देता था. फिल्मों के प्रेमी ये जरुर जानना चाहेंगे कि आखिर वो पियानो किसका था और उस पियानो का आखिर हुआ क्या?

दरअसल वो पियानो शंकर का था और 1987 में उनकी मौत के बाद से बंद ही हो गया. ये पियानो 90-100 साल पुराना है, जो जर्मनी की शिडमायर कंपनी ने बनाया था. इसमें 88 कीज हैं और साथ ही इसकी खासियत ये है कि इसके स्ट्रींग्स अंदर से एक दूसरे को क्रॉस करते हैं. अब इस ऐतिहासिक धरोहर को संभालकर रखने की चिंता शंकर के पोते संतोष कुमार को सताने लगी थी. संतोष ने उस पियानो को पुणे के नेशनल फिल्म आर्काइव्स ऑफ इंडिया को सुपुर्द कर दिया. नेशनल फिल्म आर्काइव्स ऑफ इंडिया देश में बनी फिल्मों से जुड़ी अपनी तमाम धरोहरों को डिजिटलाइज कर उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखता है.

नेशनल फिल्म आर्काइव्स ऑफ इंडिया के निदेशक प्रकाश मखदम ने शंकर के परिवार का धन्यवाद भी किया और कहा कि इस धरोहर का एनएफएआई को मिलना एक यादगार क्षण है.

ये भी पढ़ें
Box Office : 100 करोड़ क्लब में शामिल होगी 'स्त्री' , पलटन भी नहीं रोक पाई रास्ता
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर