बजट 2021-22: पहलाज निहलानी ने की मांग, 3 साल तक माफ हो फिल्म इंडस्ट्री पर लगी GST

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने सरकार से फिल्म इंडस्ट्री की जीएसटी माफ करने की मांग की है.

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने सरकार से फिल्म इंडस्ट्री की जीएसटी माफ करने की मांग की है.

पहलाज निहलानी (Pahlaj Nihalani) ने कहा कि, ‘फिल्म इंडस्ट्री को महामारी में भारी नुकसान हुआ है. मुझे लगता है कि अगले 3 वर्षों के लिए फिल्म इंडस्ट्री पर लगाई गई जीएसटी पूरी तरह से माफ कर देनी चाहिए. इसके अलावा, एग्जिबिशन सेक्टर, बिजली के बिल को माफ करने की आवश्यकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2021, 8:44 PM IST
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मुंबई. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को संसद में आने वाले फाइनेंशियल ईयर का केंद्रीय बजट प्रस्तुत कर दिया. इस बजट पर सभी नागरिकों की नज़रें टिकी थीं क्योंकि वे यह जानने के लिए बहुत उत्सुक थे कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को संवारने के लिए क्या-क्या योजना बनाई है. कोरोनो वायरस महामारी से निपटने के लिए लंबे समय तक लगाए गए लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हुआ.

हालांकि केंद्रीय बजट से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बड़ी निराशा हुई है. एंटरटेनमेंट एक ऐसी इंडस्ट्री जो सरकार को बहुत अधिक टैक्स देती है, फिर भी इस इंडस्ट्री के लिए सरकार ने कोई अच्छी व्यवस्था नहीं की है. हालांकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी (Pahlaj Nihalani) को लगता है कि बजट भविष्यवादी है, लेकिन सामान्य तौर पर, इस बजट में फिल्म इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं है.

निहलानी ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि, ‘फिल्म इंडस्ट्री को महामारी के दौरान भारी नुकसान हुआ है. मुझे लगता है कि अगले 3 वर्षों के लिए फिल्म इंडस्ट्री पर लगाई गई जीएसटी पूरी तरह से माफ कर देनी चाहिए. इसके अलावा, एग्जिबिशन सेक्टर, बिजली के बिल को माफ करने की आवश्यकता है. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के संपत्ति कर को तब तक के लिए पूरी तरह से माफ कर देना चाहिए जब तक यह उद्योग वापस सामान्य स्थिति में नहीं आ जाता.’

न केवल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री को भी लगता है कि फिल्म उद्योग के लिए बजट में कुछ भी नहीं था और जीएसटी के बारे में इंडस्ट्री को सरकार के सामने अपनी बात रखनी चाहिए. दक्षिण भारतीय फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (SIFCC) के एल सुरेश ने कहा, ‘हमसे जुड़ी विभिन्न चीजों पर जीएसटी एक समान नहीं है जैसे कि कॉपीराइट बिक्री 18 प्रतिशत है तो किसी अन्य सौदे में, इस पर 12 प्रतिशत जीएसटी है. हमने जीएसटी काउंसिल को लेटर लिखकर इन दरों को एकसमान बनाने की मांग की है.’

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