रिया के वकील ने HC से कहा- ड्रग्स मामले की जांच CBI करे, न कि एनसीबी

रिया चक्रवर्ती (फोटो-instagram.com/rhea_chakraborty)
रिया चक्रवर्ती (फोटो-instagram.com/rhea_chakraborty)

एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) और उसके भाई शौविक के वकील ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से कहा कि एक्टर सुशांत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में एनसीबी (NCB) को जांच शुरू करने का कोई अधिकार नहीं है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 24, 2020, 8:32 PM IST
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मुंबई. एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) और उसके भाई शौविक के वकील ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से कहा कि एक्टर सुशांत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में एनसीबी (NCB) को जांच शुरू करने का कोई अधिकार नहीं है. वकील सतीश मानशिंदे ने हाईकोर्ट से कहा कि एनसीबी को संबंधित ड्रग्स मामले की जांच राजपूत की मौत की जांच कर रहे सीबीआई (CBI) को हस्तांतरित करनी चाहिए थी. संबंधित ड्रग्स मामले में रिया और शौविक आरोपी हैं और वर्तमान में जेल में हैं.

हाईकोर्ट ने रिया और शौविक की जमानत याचिकाओं पर कोई आदेश पारित नहीं किया और एनसीबी से सोमवार तक जवाब दायर करने को कहा. एनसीबी ने रिया और शौविक के खिलाफ एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जेल में बंद बहन-भाई ने अपनी जमानत याचिकाएं खारिज करने के विशेष एनडीपीएस अदालत आदेश को इस सप्ताह के शुरू में हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

जस्टिस सारंग कोतवाल की एकल पीठ से मानशिंदे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राजपूत की कथित आत्महत्या की जांच से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि मौत से संबंधित सभी मामलों की जांच सीबीआई करेगी. वकील ने तर्क दिया कि रिया और शौविक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की कठोर धारा 27 ए नहीं लगाई जानी चाहिए थी. यह धारा ड्रग्स के अवैध कारोबार से संबंधित है जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद का प्रावधान है.



जस्टिस कोतवाल ने मानशिंदे और एनसीबी के वकील अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह से कहा कि वे मामले में धारा 27 ए लगाने और जमानत देने या न देने संबंधी तथ्यों पर सुनवाई की अगली तारीख को विस्तार से अपनी बात रखें.
कोर्ट ने वर्तमान मामलों को राजपूत के सहयोगियों-दीपेश सावंत और सैम्यूल मिरांडा तथा कथित ड्रग्स तस्कर अब्दुल परिहार की जमानत याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध कर दिया. याचिकाओं पर 29 सितंबर को सुनवाई होगी.
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