वेनिस फिल्म महोत्सव में चैतन्य ताम्हाणे की फिल्म को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार

फिल्म 'द डिसाइपल' का पोस्टर.

फिल्म 'द डिसाइपल' का पोस्टर.

फिल्मकार चैतन्य ताम्हाणे (Chaitanya Tamhane), मीरा नायर के बाद किसी यूरोपीय फिल्म महोत्सव की मुख्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले देश के पहले निर्देशक बन गए हैं. ‘द डिसाइपल (The Disciple)’, सफलता की दहलीज पर पहुंचे शास्त्रीय संगीतज्ञों की दुनिया को दिखाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 12:15 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. वेनिस फिल्म महोत्सव में निर्देशक चैतन्य ताम्हाणे (Chaitanya Tamhane) की मराठी भाषा की फिल्म (Marathi Film) ‘द डिसाइपल (The Disciple)’ को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार मिला है. महोत्सव में चीनी-अमेरिकी फिल्मकार क्लो झाओ को उनकी फिल्म ‘नोमाडलैंड’ के लिए गोल्डन लायन पुरस्कार से नवाजा गया है. शनिवार को महोत्सव के समापन समारोह के दौरान निर्णायक मंडल द्वारा मुख्य प्रतिस्पर्धा के विजेताओं के नामों की घोषणा की गई.

निर्णायक मंडल में दो बार ऑस्कर पुरस्कार जीत चुकी केट ब्लैंचेट के अलावा निर्देशक जोना हॉग, क्रिश्चियन पेट्ज़ोल्ड और वेरोनिका फ्रांज, उपन्यासकार निकोला लागिया तथा अभिनेता लुडीवाईन सेगनियर और मैट डैमन मौजूद थे.

भारतीय सिनेमा के कम उम्र के प्रतिभाशाली फिल्मकार ताम्हाणे, मीरा नायर के बाद किसी यूरोपीय फिल्म महोत्सव की मुख्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले देश के पहले निर्देशक बन गए हैं. ‘द डिसाइपल’, सफलता की दहलीज पर पहुंचे शास्त्रीय संगीतज्ञों की दुनिया को दिखाती है.



फिल्म में एक भारतीय संगीतकार को दिखाया गया है जो अपनी कला में शुद्धता लाने का प्रयास करता है क्योंकि वह अपने पिता और गुरु द्वारा महान कलाकारों की कहानियां सुनते हुए बड़ा हुआ है. फिल्म को पिछले सप्ताह बिनाले में प्रदर्शित किया गया था जहां फिल्म को खूब सराहना मिली थी.
द डिसाइपल को लिखना बहुत चुनौतीपूर्ण और कठिन कार्य था
ताम्हाणे ने एक वक्तव्य में कहा, ‘द डिसाइपल को लिखना बहुत चुनौतीपूर्ण और कठिन कार्य था. यह सम्मान मेरे लिए बहुत मायने रखता है और यह मुझे अपनी सीमाएं और बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा. मैं इस पुरस्कार को सभी संगीतकारों, शोधकर्ताओं, लेखकों और इतिहासकारों को समर्पित करता हूं जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के द्वार खोलने में मेरी सहायता की.’

फिल्म के निर्माता विवेक गोम्बर ने वेनिस में मिले पुरस्कार को ‘अविश्वसनीय’ करार दिया. भारत में अभिनेत्री ऋचा चड्ढा, अभिनेता अली फजल और सुजय घोष तथा अनुराग कश्यप जैसे फिल्मकारों ने ताम्हाणे को बधाई दी. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी निर्देशक को बधाई दी.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘चैतन्य ताम्हाणे को वेनिस फिल्म महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय क्रिटिक्स अवार्ड जीतने पर बधाई. फिल्म में गुरु शिष्य परंपरा से जुड़े भारतीय शास्त्रीय संगीत की तीन दशकों की यात्रा को दिखाया गया है.’ महोत्सव का सबसे बड़ा पुरस्कार गोल्डन लायन झाओ को उनकी फिल्म ‘नोमाडलैंड’ के लिए दिया गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज