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Death Anniversary: मोहम्मद रफी के वे सदाबहार गानें, जिन्हें आज भी लोग गुनगुनाने लगते हैं

मोहम्मद रफी ने कई भारतीय भाषाओं में कुल 7,405 गाने गाए थे. (फाइल फोटो)

आज महान सिंगर मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) की 41 पुण्यतिथि है. आइये, इस मौके पर महान गायक के कुछ सदाबहार गानों पर एक नजर डालें. ये गानें आज भी लोगों के बीच खूब सुने जाते हैं.

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    नई दिल्लीः लीजेंड सिंगर मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) ने 41 साल पहले शुक्रवार 31 जुलाई 1980 को अंतिम सांस ली थी. लगभग चार दशकों के बाद भी, रफी के टैलेंट की आज भी चर्चा होती है. जाहिर है कि उनका जन्म गाने के लिए हुआ था. मोहम्मद रफी ने कई भारतीय भाषाओं में कुल 7,405 गाने गाए थे. इनमें 4,334 गाने हिन्दी में गाए थे. लगभग 70 गानों का कोई ऑफिशियल एलपी रिकॉर्ड नहीं है और इन्हें कभी भी यूट्यूब (YouTube) पर अपलोड नहीं किया गया है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑल इंडिया रेडियो, उर्दू सर्विस और विविध भारती के पास भी ऐसे कई गाने नहीं हैं, जिन्हें दिग्गज ने अपने करियर में गाया था. जब रफी के सदाबहार गानें चुनने की बात आती है, तो कोई भी कन्फ्यूज हो सकता है, क्योंकि उन्होंने कई शानदार गाने गाए हैं. फिर भी यहां कुछ गानों के बारे में बता रहे हैं, जो हर किसी के दिल को छू जाते हैं. आप भी आनंद उठाएं, उनके कुछ सदाबहार गानों का-

    1. चुरा लिया है तुमने जो दिल को

    2. लिखे जो खत तुझे वो तेरे याद में

    4. अभी ना जाओ छोड़कर

    5. एहसान तेरा होगा मुझ पर

    हां, तुम मुझे यूं भुला न पाओगे, जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे…

    मोहम्मद रफी ने इनके अलावा ‘पत्थर के सनम तुझे हमने’ ‘ये चांद सा रौशन चेहरा’, ‘छुप गए सारे नजारे’, ‘मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे‘, ‘ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं’ जैसे कई सदाबहार गानें गाए हैं, जिन्हें हर कोई सुनना पसंद करता है. रफ़ी साहब बड़े गायक के साथ बड़े दिलवाले और नेकदिल इंसान थे. यूं तो उनकी नेकनियती के बहुत किस्से हैं, जिनमें से एक किस्से आपको बताते हैं.

    ‘रफी साहब आप एक गाना सुना दीजिए, हम ए​डमिशन दे देंगे’
    मुंबई शहर की बात है. रफी साहब की मकबूलियत उन दिनों बुलंदी पर थी. उनके साथ काम करने वाले एक बहुत ही साधारण से आदमी ने अपने बच्चे के एडमिशन के लिए उनसे सिफारिश करने को कहा. रफ़ी ने पूछा- मेरे कहने से तुम्हारे बच्चे का एडमिशन हो जाएगा? उस आदमी ने कहा- हां, बिल्कुल हो जाएगा, बस आपको मेरे साथ स्कूल जाना पड़ेगा. रफी बहुत सहजता से तैयार हो गए और बच्चे के एडमिशन के लिए स्कूल के लिए चल पड़े.

    ‘हारमोनियम की व्यवस्था कर दीजिए, मैं गाना सुना दूंगा’
    रफी साहब जब स्कूल पहुंचे तो स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा- आप एक गाना सुना दीजिए तो हम बच्चे का एडमिशन ले लेंगे. उन्होंने पूछा- हारमोनियम है? हारमोनियम लेकर वे बैठ गए और उन्होंने एक गाना पूरे स्कूल को सुनाया. बच्चे का एडमिशन हो गया.

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