कंगना रनौत रंगभेद मामले पर बात करते हुए बॉलीवुड पर भड़कीं, बोलीं- उनकी हिम्मत कैसे हुई...

कंगना रनौत रंगभेद मामले पर बात करते हुए बॉलीवुड पर भड़कीं, बोलीं- उनकी हिम्मत कैसे हुई...
कंगना रनौत (फाइल फोटो)

एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने बॉलीवुड हस्तियों (Bollywood Celebrities) के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट कर ब्लैक लाइव्स मैटर के बारे में बात की है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
मुंबई. अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हाल ही में रंगभेद के मामले पर बात करते हुए, बॉलीवुड सेलिब्रिटिज के कथित 'पाखंड' पर भड़क गई हैं. अभय देओल (Abhay Deol) के बाद, कंगना ने भी ब्लैक लाइव्स मैटर (Black Lives Matter) मूवमेंट को सपोर्ट करने के लिए उन सेलिब्रिटिज पर हमला किया है, जो भारत में फेयरनेस प्रोडक्ट को एंडोर्स करते हैं. बीबीसी से बात करते हुए कंगना ने कहा, ‘भारतीय हस्तियां वे सभी प्रकार के फेयरनेस उत्पादों का समर्थन कर रही हैं और आज बेशर्मी से यह कहते हुए खड़े हैं कि ब्लैक लाइफ मायने रखती है. मेरा मतलब है कि उनकी हिम्मत कैसे हुई? फिल्म इंडस्ट्री भी डार्क कलर के एक्टर को अपनी फिल्म के लिए कास्ट करने से दूर भागती है, कतराती है, जिन्हें गोरे रंग का होने की कल्पना की जाती है.’

अचानक मायने रखने लगती है ब्लैक लाइफ
कंगना ने कहा कि, कोई भी उनसे इन मिलियन-डॉलर के सौदों के बारे में क्यों नहीं पूछ रहा है जो वे सभी प्रकार के फेयरनेस प्रोडक्ट का एड करने के लिए कर रहे हैं. अचानक ब्लैक लाइफ मायने रखने लगी हैं क्योंकि रेसिज्म (नस्लवाद) की जड़ें गहरी हैं. कंगना यहीं नहीं रूकी उन्होंने एक और सवाल उठाया कि आप कुछ ऐसी इवेंट्स को कामर्शियलाइज्ड करते हैं जिससे ह्यूमैनिटी सबसे कम हिट हो सकती है.

स्किन लाइटनिंग प्रोडक्ट को एंडोर्स करने वाली एक्ट्रेसेज ने किया मूवमेंट का समर्थन



प्रियंका चोपड़ा, दिशा पटानी और सोनम कपूर जैसे एक्ट्रेस ने मूवमेंट का समर्थन किया है जबकि पास्ट में इन सभी को स्किन लाइटनिंग प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन भी बुलाया गया है. कंगना रनौत ने कभी भी किसी फेयरनेस प्रोडक्ट को एंडोर्स नहीं किया है. इसके बारे में बोलते हुए उन्होंने एक बार कहा था, ‘मेरी बहन (रंगोली चंदेल) सांवली है, फिर भी सुंदर है. अगर मैं आगे बढ़ूं और इस अभियान का हिस्सा बनूं, तो, एक तरह से, मैं उसका अपमान करूंगी. अगर मैं अपनी बहन के साथ ऐसा नहीं कर सकती, तो मैं इसे पूरे देश में कैसे कर सकती हूं?’



इससे पहले अभय देओल ने उठाए थे सवाल
इससे पहले, अभय देओल (Abhay Deol) ने सोचा था कि अगर जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में अश्वेत लोगों की नस्लवाद और हिरासत में हत्या के विरोध में अश्वेत समुदाय के समर्थन में ट्वीट करने वाले लोग फेयरनेस क्रीम और लोशन के लिए काम करना बंद कर देंगे. उन्होंने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा था, ‘क्या आपको लगता है कि भारतीय सेलिब्रिटीज अब फेयरनेस क्रीम को एंडोर्स करना बंद कर देंगे.



 




View this post on Instagram




 

Overall analysis Fairness creams in India have evolved over the years, from being fairness creams to now using euphemisms like “skin brightening/ whitening”, or “lightening creams”. Most brands no longer want to be associated directly with being termed as 'fairness creams’. So now we have brands selling “HD glow”, “White beauty”, “white glow”, “fine fairness”, and so on. Over the years these companies have turned their attention towards the Indian Men, who are now trying to be "fair and handsome", and have dedicated power white ranges for them too. The hunt for fairness: Neutrogena fine fairness: Could not locate it on their global websites but it is available on Amazon and other sellers:https://www.amazon.in/Neutrogena-Fine-Fairness-Cream-SPF20/dp/B00BSPOXMW/ Ponds have a white beauty range:  The range includes products like anti-spot fairness cream which is available on affiliate websites like Amazon and Nykaa. On their own website could locate just the White beauty cream. https://www.ponds.com/ph/products/collection/white-beauty/day-cream-for-normal-skin.html* Loreal white perfect day cream: Apparently reduces the melanin level in the skin, gives a rosy appearance to your skin and is suitable for all Indian skin types. "reduce skin darkening  and boost anti-spot whitening for a brighter & younger look"https://www.lorealparis.co.in/products/skin-care/day-cream/white-perfect-clinical-day-cream/ Recently, Procter & Gamble skincare brand Olay announced that it will no longer retouch skin in its advertising by 2021 because it reflects an idea of beauty which is almost impossible to achieve. The statement was made during an event in New York. In March 2019, Olay also came up with a creative campaign #FaceAnything with @masabagupta @kubbrasait , @lilly, @bikewithgirl and @_payalsoni_ #Fairandlovely #prejudice #racism #fairskinobsession #fairnesscreams #kalagora #flawlessskin #hdglow #whiteness #complexion #skintone #shades #pearlextracts #microcrystals #ayurveda


A post shared by Abhay Deol (@abhaydeol) on






उन्होंने सर्च ट्रेंड का डेटा एड करते हुए कहा, कुल मिलाकर, भारत में फेयरनेस क्रीम्स का बाजार पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुआ है, जिसमें फेयरनेस क्रीम से लेकर अब 'स्किन ब्राइटनिंग/व्हाइटनिंग' या 'लाइटनिंग क्रीम' जैसी शब्दों का उपयोग किया जाता है. ज्यादातर ब्रांड अब सीधे तौर पर 'फेयरनेस क्रीम' कहे जाने से जुड़े रहना नहीं चाहते हैं. इसलिए अब हमारे पास ‘एचडी ग्लो’, ’व्हाइट ब्यूटी’, व्हाइट ग्लो’, ‘फाइन फेयरनेस’ इत्यादि नामों से बेचे जाने वाले ब्रांड हैं.’

कंगना ने स्थानीय अन्याय का विरोध नहीं करने पर लगाई थी लताड़
कंगना ने पहले भी अपने समकालीन कलाकारों को स्थानीय अन्याय की निंदा करने में विफल रहने के लिए लताड़ा था, लेकिन इन कलाकारों ने बीएलएम आंदोलन में शामिल होने में संकोच नहीं किया. कुछ हफ़्ते पहले साधु की लिंचिंग पर भी किसी ने एक शब्द नहीं कहा. लिचिंग की यह घटना महाराष्ट्र में हुई थी, जहां इन हस्तियों में से अधिकांश रहते हैं. बॉलीवुड वैसे भी हॉलीवुड से एक डेराइव्ड नाम है.

उसने पिंकविला से एक इंटरव्यू में कहा था कि, ‘यह शर्म की बात है कि वे [बॉलीवुड हस्तियों] एक बुलबुले में रहते हैं और कभी भी उससे बाहर निकलने में असफल भी नहीं होते हैं, जिससे उन्हें दो मिनट की प्रसिद्धि मिल सकती है, लेकिन गोरे लोग को बैंडवैगन चलाना चाहिए. शायद, यह उनके प्री-इंडिपेंडेंस कॉलोनियल स्लैवरी जीन के कारण है.’

यह भी पढ़ें - 

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री काम पर आने को तैयार, प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने की आशंका
First published: June 7, 2020, 10:39 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading