एमएफ हुसैन: वो आर्टिस्ट जो खूबसूरती पर थे 'फिदा', पेंटिंग्स के कारण हुए विवादित

News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 8:04 AM IST
एमएफ हुसैन: वो आर्टिस्ट जो खूबसूरती पर थे 'फिदा', पेंटिंग्स के कारण हुए विवादित
भारतीय चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन.
News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 8:04 AM IST
जिनकी कला के लोग दीवाने हैं, जिनका नाम कला के कद्रदानों ने सुनहरे अक्षरों में लिखा, जिनकी पेंटिंग्स लाखों करोड़ों में बिकती हैं, जिनके रंगों का सम्मान भी खूब हुआ. इतने सम्मान और इतनी दीवानगी के बावजूद उस शख्स को भारत छोड़कर जाना पड़ा. वो शख्स थे भारत के पिकासो यानि मकबूल फिदा हुसैन.

ये नाम जितना लोकप्रिय है उतना विवादित भी. चाहे पेंटिंग्स हो या ईश निंदा का आरोप, एमएफ हुसैन हमेशा विवादों में रहे.

भारत के जाने माने चित्रकार एमएफ हुसैन का जन्म 17 सितंबर 1915 में मुंबई के पंढ़रपुर में हुआ. 32 साल की उम्र में ही हुसैन की गिनती नामी गिरामी चित्रकारों में होने लगी थी. एक कलाकार के तौर पर उन्हें सबसे पहले 1940 के दशक में ख्याति मिली.

1952 में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी ज्यूरिख में हुई. इसके बाद उनकी कलाकृतियों की अनेक प्रदर्शनियां यूरोप और अमेरिका में हुईं.

देश-विदेश में मशहूर हुसैन को खबरों में बने रहना बहुत पसंद था. अपने काम की वजह से तो वो अक्सर चर्चित रहते ही थे, पर वो कुछ न कुछ ऐसा भी करते रहते कि सुर्खियों में आ जाते थे. उनके बर्थडे पर जानते हैं कि उनसे जुड़ें कुछ विवाद.

1.हिंदू देवियों की तस्वीरों को लेकर विवाद
चरमपंथी हिंदू संगठनों की मानें, तो हुसैन हिंदू विरोधी थे. उन्होंने हिंदू देवियों की ऐसी तस्वीरें बनाई, जिससे हिंदू धर्म के लोगों को बड़ा झटका लगा. हुसैन ने सन 1970 में ये पेंटिंग बनाई थीं मगर इन पेंटिंग को 'विचार मीमांसा' नाम की पत्रिका में साल 1996 में छापा गया था. इसका शीर्षक दिया गया, 'मकबूल फिदा हुसैन-पेंटर या कसाई'.

अश्लील पेंटिंग बनाने के विरोध में हुसैन के खिलाफ देश भर में कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुए। 1998 में हिंदू संगठनों ने हुसैन के घर पर हमला किया और वहां रखी दूसरी तस्वीरों को नष्ट कर दिया था.

MF
मकबूल फिदा हुसैन.


2.भारतमाता को दिखाया नग्न
2006 में एक मैगजीन के कवर पेज पर भारत माता की नग्न तस्वीर की वजह से हुसैन की काफी आलोचना हुई. इसमें एक नग्न युवती को भारत माता के रूप में दिखाया गया, जो भारत के मानचित्र पर लेटी हुई थी. उसके पूरे जिस्म पर भारत के राज्यों के नाम थे। हिंदू संगठनों ने इसे अश्लील मानते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया.

3.ईश-निंदा का भी आरोप
हुसैन वास्तव में किसी धर्म को नहीं मानते थे. वो नास्तिक थे. उनपर ईश-निंदा के आरोप भी लगे. एक इस्लामी संगठन 'ऑल इंडिया उलेमा काउंसिल' ने उनकी फिल्म 'मीनाक्षी' के एक गीत 'नूर-उन-अला-नूर' पर आपत्ति जाहिर की. इस गीत को ईश-निंदा माना गया. आपत्ति के बाद भी हुसैन ने फिल्म से इस गाने को नहीं हटाया, बल्कि इस फिल्म को ही सिनेमाघरों से हटा लिया था.

4.बॉलीवुड एक्ट्रेस की खूबसूरती के थे दीवाने
एमएफ हुसैन खूबसूरती के दीवाने थे. उनका दिल पहले 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित पर फिदा हुआ. हुसैन माधुरी के इस कदर फैन थे कि उनके लिए 2000 में 'गजगामिनी' फिल्म बना डाली. पहले इस फिल्म की शूटिंग बनारस की गलियों और घाटों में होनी थी, लेकिन उस वक्त विवाद की वजह से काशी में फिल्म की शूटिंग नहीं हो सकी थी. तब मुंबई में हुसैन ने सेट लगाकर काशी वाला हिस्सा शूट किया था.

HUSSAIN
माधुरी के बहुत बड़े फैन थे हुसैन.


माधुरी के बाद हुसैन का दिल आया तब्बू पर. उन्हें भी फिल्म 'मीनाक्षी-ए टेल ऑफ़ थ्री सिटीज़' के जरिए चित्रित किया. इसके बाद वो विद्या बालन पर कुछ ऐसे फिदा हुए कि उन्होंने विद्या के सामने उनकी न्यूड पेंटिंग बनाने की पेशकश कर दी. अपनी इस दीवानगी के कारण उनका अच्छा खासा मजाक बना.

एमएफ हुसैन ने 'मोहब्बत' नाम की एक मूवी में खुद भी एक किरदार निभाया था. यही नहीं, इमरजेंसी के दौरान उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पेंटिंग भी बनाई थी.

5.अंतिम समय छोड़ना पड़ा भारत
हुसैन को जितना सम्मान भारत ने दिया, उनकी विवादित पेंटिग्स ने भारत को ही सबसे ज्यादा आहत किया. उसका असर ये हुआ कि 2006 में हुसैन पर लगातार विरोध प्रदर्शन, मुकदमे हुए, उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलने लगीं.

इन सबसे हुसैन इतना दुखी हुए कि उन्होंने स्वेच्छा से भारत छोड़ दिया. वे लंदन और दोहा में निर्वासित जीवन बिताने लगे. 2010 में उन्हें कतर की नागरिकता मिल गई. 9 जून 2011 को लंदन में उनका निधन हो गया.

एमएफ हुसैन एक नजर में:

जन्म- 17 सितंबर 1915 (मुंबई)
निधन- 9 जून 2011 (उम्र 95) लंदन
राष्ट्रीयता- भारतीय, कतर
प्रसिद्धि कारण- चित्रकला, लेखन
प्रसिद्ध कार्य- मदर इंडिया, मिनाक्षी, रमायण, महाभारत
परिवार- शमशाद हुसैन (बेटा)
पुरस्कार- पद्म श्री (1955), पद्म भूषण (1973), पद्म विभूषण (1991)
वेबसाइट- http://www.mfhussain.com

 ये भी पढ़ें:  #HappyBirthday-बदलते भारत का लेखक मतलब प्रसून जोशी
First published: September 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर