'दंगल गर्ल' फातिमा सना शेख का चौंकाने वाला खुलासा- मुझसे कहा गया सिर्फ सेक्स ही काम पाने का तरीका है

फातिमा सना शेख (Photo Credit- @fatimasanashaikh/Instagram)
फातिमा सना शेख (Photo Credit- @fatimasanashaikh/Instagram)

एक्ट्रेस फातिमा सना शेख (Fatima Sana Shaikh) ने फिल्मी करियर पर बात करते हुए कास्टिंग काउच (Casting Couch) पर चौंकाने वाला खुलासा किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 8:15 PM IST
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मुंबई. आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' से धमाकेदार डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस फातिमा सना शेख (Fatima Sana Shaikh) ने अपने टैलेंट के बल पर इंडस्ट्री में जगह बनाई है. उनकी पहली फिल्म बॉलीवुड की सबसे सफल फिल्म साबित हुई है. वहीं फातिमा सना शेख ने अपने करियर में कई रिजेक्शन का सामना किया है, वहीं हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि किस तरह उन्हें कहा किया कि वो एक्ट्रेस बनने के लायक नहीं है क्योंकि वो दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय की तरह नहीं दिखती हैं. उन्हें कि किस तरह उन्हें कास्टिंग काउच (Casting Couch) का सामना करना पड़ा. जिसकी वजह से उन्हें कई बार काम से हाथ धोना पड़ा.

फातिमा सना शेख ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान करियर से लेकर पर्सनल लाइफ पर खुलकर बातें की हैं. उन्होंने पिंकविला से बातचीत में बताया कि 'मुझे कई बार ये सुनना पड़ा कि तुम कभी हीरोइन नहीं बन सकोगी. तुम दीपिका पादुकोण या ऐश्वर्या राय की तरह नहीं दिखती हो. कैसे हीरोइन बनोगी. कई लोग आपका मनोबल गिराने की कोशिश करते रहते हैं. लेकिन आज जब मैं मुड़कर देखती हूं तो सोचती हूं कि ठीक है ये लोग खूबसूरती को इस पैमाने से देखते हैं कि एक ऐसी दिखने वाली लड़की ही हीरोइन बन सकती है. मैं इनके सांचे में फिट नहीं बैठती, मैं दूसरे सांचे लिए हूं. लेकिन अब कई अवसर हैं. मेरे जैसे लोगों के लिए भी फिल्में बनती हैं, जो सुपरमॉडल्स की तरह नहीं बल्कि नॉर्मल और दिखने में औसत हैं'.

फातिमा ने बताया कि किस तरह करियर के शुरुआती दौर में उन्हें सेक्सिज्म का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया कि 'मैंने कास्टिंग काउच का भी सामना किया है. मुझसे कहा गया कि काम पाने का सिर्फ एक ही तरीका है सेक्स... तो ये मेरे साथ भी हुआ है. मुझे भी काम से हाथ धोना पड़ा है. लेकिन मुझे लगता है कि इस इंडस्ट्री के अलावा, अन्य जगहों पर भी लोग सेक्सिज्म की वजह से कई तरीके के संघर्षों का सामना करते हैं. मैं जब तीन साल की थी तो मुझे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. तो आप समझ सकते हैं कि सेक्सिज्म कितनी गहराई से समाज में जगह बना चुका है'.
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