17 नवंबर को रिलीज होगी केजरीवाल पर बनी फिल्म 'एन इनसिग्निफिकेंट मैन'

Rahul Goel | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 11:08 AM IST
17 नवंबर को रिलीज होगी केजरीवाल पर बनी फिल्म 'एन इनसिग्निफिकेंट मैन'
रिलीज होगी केजरीवाल पर बनी फिल्म
Rahul Goel | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 11:08 AM IST
इन दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो वजहों से चर्चा में है. पहली तो ये कि दिल्ली में उनकी नीले रंग की वैगन आर कार चोरी हो गई है. दूसरी ये कि अरविंद केजरीवाल और उनकी राजनीति पर बनी फिल्म 'एन इनसिग्निफिकेंट मैन' को आखिरकार रिलीज डेट मिल गई है. ये फिल्म भारत में 17 नवंबर को रिलीज होगी और इसे अमेरिकी मीडिया कंपनी वाइस रिलीज करेगी.

निर्माता निर्देशक विनय शुक्ला और खुशबू रान्का 'एन इनसिग्निफिकेंट मैन' नाम से बनी अपनी डॉक्युमेंट्री फिल्म के जरिए ये दावा कर रहे हैं कि पहली बार किसी फिल्म में दिखाया जा रहा है कि राजनीतिक पार्टियां पर्दे के पीछे क्या करती हैं, उनके वॉर रूम्स में क्या होता है. हालांकि, ऐसा करने की इजाजत सिर्फ आम आदमी पार्टी ने ही उन्हें दी और ऐसे में इस फिल्म के केंद्र में आपको सिर्फ 'आप' और अरविंद केजरीवाल नजर आएंगे.

चुनाव की गहमागहमी और चुनाव जीतने के लिए रणनीति तैयार करने की कहानी कहती 'एन इनसिग्निफिकेंट मैन' अरविंद केजरीवाल और उनकी बनाई आम आदमी पार्टी की राजनीति का सच जनता के सामने रखने की एक कोशिश है.

अरविंद केजरीवाल ने भारत की राजनीति में फैली भ्रष्टाचार की सफाई का वादा करते हुए साल 2012 में आम आदमी पार्टी की स्थापना की थी.

खुशबू और विनय ने केजरीवाल और उनकी पार्टी पर डॉक्युमेंट्री फिल्म का निर्माण काफी पहले ही कर लिया था, ये फिल्म कई फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई भी जा चुकी है. लेकिन इसे हाल ही में सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट दिया है. हालांकि सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट हासिल करना आसान नहीं रहा.

Film on arvind kejriwal
"एन इनसिग्निफिकेंट मैन'


इन दोनों युवा डायरेक्टर्स को इसके लिए लड़ाई लड़नी पड़ी.  कुछ दिनों पहले खुशबू ने न्यूज 18 हिंदी से फोन पर हुई बातचीत में बताया किपूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी ने उनसे कहा था, "सर्टिफिकेट चाहिए तो पहले अरविंद केजरीवाल, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट लाना होगा. ये मांग अपने आप में काफी अजीब थी. क्योंकि पहले कभी किसी डॉक्युमेंट्री फिल्म मेकर को ऐसा करने के लिए नहीं कहा गया था." खुशबू का कहना है कि ये उनकी फिल्म पर हमला नहीं था बल्कि डॉक्युमेंट्री के बहाने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला था.

इसके बाद खुशबू और विनय ट्रिब्युनल गए, जहां इनकी फिल्म को बिना किसी काट-छांट के सर्टिफिकेट दे दिया गया. खुशबू ने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी फिल्म किसी विशेष राजनीतिक पार्टी का समर्थन या विरोध नहीं करती है इसमें सिर्फ तथ्यों को दिखाया गया है.



खुशबू और विनय के मुताबिक ये आरोप सरासर गलत है कि इनका जुड़ाव आम आदमी पार्टी से है और ये फिल्म केजरीवाल के राजनीतिक एजेंडा को चमकना का काम करती है. ये युवा डायरेक्टर्स दावा करते हैं कि फिल्म को किसी भी राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित हुए बगैर बनाया गया है और फिल्म की तटस्थता की वजह से ही इसे सराहना और अलग अलग जगह से फंड भी मिले हैं जो पहली बार किसी डॉक्युमेंट्री का निर्माण करने वालों के लिए बड़ी बात है.

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First published: October 13, 2017
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