भूपेन हजारिका के फैन थे अटल बिहारी वाजपेयी, यह गाना खूब था पसंद

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Updated: September 8, 2019, 7:49 AM IST
भूपेन हजारिका के फैन थे अटल बिहारी वाजपेयी, यह गाना खूब था पसंद
भूपेन हजारिका का ये गाना सुनने के लिए तड़पते थे ये PM

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) भूपेन हजारिका (Bhupen Hazarika ) के बहुत बड़े फैन थे. साल 2011 में भूपेन हजारिका का निधन हो गया. इसके बाद साल 2019 में भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा की.

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भारत रत्न से सम्मानित संगीतकार भूपेन हजारिका (Bhupen Hazarika) की आज यानी 8 सितंबर को जयंती है. भूपेन हजारिका किसी भी पहचान के मोहताज नहीं हैं. समाज के तमाम गंभीर मुद्दों को उन्होंने फिल्मों और संगीत के माध्यम से बहुत ही खूबसूरती के साथ पेश किया है. भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा की हो रही दुर्दशा पर भूपेन हजारिका का ये गीत 'ओ गंगा तुम बहती हो क्यों' आज भी सुनने पर रोंगटे  खड़े कर देता है. गाने में खुद गंगा मां से पूछा जा रहा है कि मानवता के नष्ट और भ्रष्ट होने के बाद भी क्यों बह रही हो. वे गंगे के निरलज्ज भाव से बहने की बात कहते हैं भूपेन हजारिका का ये गाना आज भी काफी पॉपुलर है.

भूपेन हजारिका संगीतकार, गायक, एक्टर और फिल्म निर्देशन के रूप में वे सक्रिय रहे. उन्होंने असम की संस्कृति को कला के जरिए से लोगों तक पहुंचाया. भूपेन हजारिका कला के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. इसी खास मौके पर हम जिक्र कर रहे हैं भूपेन हजारिका और भारत के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी एक छोटी सी कहानी का...

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) भूपेन हजारिका के बहुत बड़े फैन थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 90 के दशक में भूपेन हजारिका रामलीला मैदान में परफॉर्म कर रहे थे. इस दौरान उन्हें एक चिट मिला. इसमें अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिखा था. भूपेन हजारिका की टीम में गिटार बजाने वाले कमल काताकी ने एक इंटरव्यू में बताया कि इस चिट में भूपेंद्र हजारिका का पॉपुलर गाना- मोई एति जाजबोर (मैं एक बंजारा हूं) गाने की रिक्वेस्ट की गई थी, जिसे भूपेन हजारिका ने गाया.

बाद में जब वे अटल बिहारी वाजपेयी से मिले तो अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा, 'मैं पहली कतार में बैठा था और आपके इस गाने को सुनने का इंतजार कर रहा था. मैं वो गाना सुनने के लिए तड़प रहा था, इसलिए ये रिक्वेस्ट भेजा.

भूपेन हजारिका को गाने की प्रेरणा अपनी मां से मिली थी. हजारिका 10 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे. भूपेन हजारिका ने अपने जीवन में एक हजार गाने और 15 किताबें लिखीं. उन्होंने 'रुदाली', 'मिल गई मंजिल मुझे', 'साज', 'दरमियां', 'गजगामिनी', 'दमन' और 'क्यों' जैसी सुपरहिट फिल्मों में गीत दिए. साल 2011 में भूपेन हजारिका का निधन हो गया. इसके बाद साल 2019 में भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा की. भारत रत्न के अलावा उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म भूषण और संगीत-नाटक अकादमी रत्न पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

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First published: September 8, 2019, 1:15 AM IST
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