Gulabo Sitabo Movie Review: मीठी सी मुस्कान दे जाएंगे लखनऊ के मिर्जा-बांके, जानें कैसी है फिल्म

फिल्‍म 'गुलाबो सिताबो' OTT प्लैटफॉर्म पर हो गई है.
फिल्‍म 'गुलाबो सिताबो' OTT प्लैटफॉर्म पर हो गई है.

बड़े पर्दे की फिल्म 'गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)' OTT Platform अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर रिलीज हो चुकी है.

  • Share this:
GULABO SITABO MOVIE REVIEW. बॉलीवुड (Bollywood) के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) फिल्म 'गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)' को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. लॉकडाउन के बाद ये पहली ऐसी फिल्म हैं, जिसका प्रीमियर भी ओवर दी टॉप (OTT) प्लेटफार्म पर हुआ. फिल्म की कहानी दो फुकरे मिर्जा और बांके के बीच की है, जिसे फिल्म के निर्देशक सुजीत सरकार ने एक बेहद अनोखे अंदाज में पेश किया है. बड़े पर्दे की यह फिल्म OTT Platform अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर रिलीज हो चुकी है.

कोरोना काल के बीच फिल्मों के शौकीन लोग अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) स्टारर फिल्म 'गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)' को घर बैठे देख सकेंगे. फिल्म शुरू में थोड़ा गुदगुदाएंगी और बाद में सपाट. कुल मिलाकर फिल्म हल्की-फुल्की कॉमेडी है.

ये है फिल्म की कहानी
कहानी दो शेख चिल्लियों की है. मिर्जा जो 78 साल के लालची, कंजूस, झगड़ालू स्वभाव के हैं, जिनकी जान उस हवेली में बसती है, जो उनकी नहीं बल्कि उनकी बीवी फातिमा की पुश्तैनी जायदाद है. इसीलिए इसका नाम फातिमा महल है. बीवी 17 साल बड़ी हैं, जायदाद उसकी हो जाए इसके लिए वो उसके मरने का इंतजार करता है. पैसों के लिए हवेली की पुरानी चीजों को चोरी से बेचता रहता है.
हवेली में कई कमरें हैं, इसलिए हवेली में कुछ किराएदार भी रहते हैं, जिसमें से एक है बांके रस्तोगी. यहां वो अपनी मां और तीन बहनों के साथ रहता है. छठी तक पढ़ा है और आटा चक्की की दुकान चलाता है. मिर्जा को हमेशा पैसों की किल्लत रहती और वो हमेशा इन किराएदारों से किराए का तकाजा करता रहता है और बांके के साथ उसकी कभी नहीं बनती. मिर्जा उसे परेशान करने के नए-नए तरीके ढूंढता है, ताकि वो जल्द से जल्द हवेली खाली कर के चला जाए.



कहानी में मोड़ तब आता है, जब मिर्जा एक वकील के साथ मिलकर बिल्डर को हवेली बेचने की तैयारी कर लेता है. वहीं, बांके एलआईजी फ्लैट के लालच में पुरातत्व विभाग के एक अधिकारी से मिलकर प्लानिंग करने लगते हैं. काफी जोड़तोड़ के बाद हवेली किसकी होती है, ये फिल्म देखकर आपको पता चलेगा.

कैसा है अभिनय?
अमिताभ बच्चन फिल्म में मिर्जा के किरदार में नजर आए हैं. फिल्म में उनकी नाक प्रोस्थेटिक मेकअप से लंबी कर दी गई है. अमिताभ ने अपनी चिर-परिचित आवाज को बदलने से लेकर कूबड़ निकालकर मिर्जा के किरदार को जीवंत कर दिया है. वहीं अब तक हमेशा दिल्ली के लौंडो वाले किरदार निभाने वाले आयुष्मान खुराना इस बार एक देहाती किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में बृजेश काला और विजय राज भी नजर आएंगे, जो लोगों को गुदगुदाते नजर आने वाले हैं.  फिल्म का मुख्य आकर्षण है बेगम का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री फारुख जाफर हैं.

फिल्म का निर्देशन
फिल्म 'पीकू' और 'विक्की डोनर' दोनों अभिनेताओं के साथ अलग-अलग काम करने वालेे शूजित सरकार दोनों को साथ लाकर डगमगा गये. बीच में फिल्म के गति थोड़ी-थोड़ी थम जाती है पर अंत में फिल्म गति पकड़ लेती है. दोनों कलाकारों के साथ होने के बावजूद यह फिल्म विक्की डोनर और पीकू के मुकाबले बेहद कमजोर है. लेकिन ये तय है कि फिल्म मनोरंजन की दृष्टि और निर्देशन के आधार पर औसत है.

ये भी पढ़ें- जब शाहरुख खान ने कहा, 'बड़े पर्दे पर अबराम-आराध्या की होगी बेस्ट जोड़ी', BIG B का ये था रिएक्शन
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज