Home /News /entertainment /

अपनी किताब में भारतीय सिनेमा के कुछ दिग्गजों की यादें साझा करेंगे गुलजार

अपनी किताब में भारतीय सिनेमा के कुछ दिग्गजों की यादें साझा करेंगे गुलजार

गुलजार.

गुलजार.

गुलजार (Gulzar) इस किताब में वह सत्यजीत रे (Satyajit Ray) से लेकर आर डी बर्मन (RD Burman) और किशोर कुमार (Kishore Kumar) से लेकर पंडित भीमसेन जोशी (Pandit Bhimsen Joshi) जैसी हस्तियों से रूबरू होने के किस्से को पाठकों के साथ साझा करेंगे.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली. गीतकार, लेखक और निर्देशक सम्पूर्ण सिंह कालरा उर्फ़ गुलज़ार (Sampurn Singh Singh Aka Gulzar) अपनी आने वाली किताब में भारतीय सिनेमा, कला और साहित्य की दुनिया की दिग्गज हस्तियों से अपनी मुलाकातों के बारे में बताएंगे. इस किताब में वह सत्यजीत रे से लेकर आर डी बर्मन और किशोर कुमार से लेकर पंडित भीमसेन जोशी जैसी हस्तियों से रूबरू होने के किस्से को पाठकों के साथ साझा करेंगे. इसकी घोषणा प्रकाशन समूह पेंग्विन रेंडम हाउस इंडिया ने गुरुवार को की.

    समूह ने बताया कि अभी अस्थायी तौर पर इस किताब का नाम, 'एक्चुअली...आई मेट देम: ए मेमॉयर' है. इस किताब का प्रकाशन 'हैमिश हैमिल्टन इम्प्रिंट' के तहत किया जाएगा. उन्होंने बताया कि किताब पाठकों को मशहूर बिमल रॉय, रित्विक घटक, ऋषिकेश मुखर्जी और महाश्वेती जैसी हस्तियों के दिलोदिमाग के बारे में गुलजार के चश्मे से झांकने का मौका देगी. वह इन लोगों के साथ काम करने के अपने अनुभवों और अपनी यादों को साझा करेंगे.

    गुलजार ने कहा, ' यादें वास्तव में कभी मिटती नहीं हैं, यह चेतन और अवचेतन में कहीं चलती रहती हैं. कभी-कभी वहां गोते लगा लेने का अनुभव अच्छा होता है. कुछ अच्छे पलों को याद करें और फिर से संजो लें. मैं महान लोगों के समय में पैदा होकर खुद को भाग्यशाली मानता हूं, और यह मेरा सौभाग्य ही था कि मैं उन लोगों से मिला. उनमें से कुछ के साथ काम करने का मौका मिला. उनमें से कुछ मेरे गुरु, दोस्त और सहकर्मी थे.' इस किताब में दुर्लभ तस्वीरों के साथ-साथ फिल्म निर्माताओं, लेखकों, कवियों, संगीतकारों, गायकों और कलाकरों पर अध्याय होंगे.

    गुलज़ार का करियर
    सम्पूर्ण सिंह कालरा उर्फ़ गुलज़ार के करियर के बारे में शब्दों में लिखना मुश्किल है. वे शायद एकमात्र ऐसे गीतकार हैं जिन्हें फिल्म स्लम्डाग मिलियनेयर में उनके द्वारा लिखे गीत जय हो के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर अवॉर्ड मिल चुका है. वे गीतकार, कवि, पटकथा लेखक नाटककार के साथ-साथ फ़िल्म निर्देशक भी हैं. गुलजार को हिंदी सिनेमा में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई अवार्ड्स मिल चुके हैं. 2004 में भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण सम्मान दे चुकी है. गुलजार साहब का आज बर्थडे है.

    उनका जन्म झेलम जिले के दीना गांव में 18 अगस्त 1936 को हुआ. गुलज़ार अपने पिता की दूसरी पत्नी की इकलौती संतान हैं. गुलज़ार ने भारत-पाक विभाजन की त्रासदी को खुद भोगा है. मां का साया उनके सिर से तभी उठ गया, जब वे दूध पीते बच्चे थे. नौ भाई-बहन में गुलजार चौथे नंबर पर थे. गुलज़ार को पिता और बड़े भाई ने पढ़ाने से मना किया तो उन्होंने पेट्रोल पंप पर काम कर पढ़ाई का खर्चा निकाला.

    एस डी बर्मन की फिल्म बंधिनी में गीत लिखकर गुलजार ने हिंदी सिनेमा में बतौर गीत लेखक अपना करियर शुरू किया. 1968 में गुलजार ने फिल्म आशीर्वाद के डायलॉग लिखे. इसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों के गाने लिखे जिसके लिए उन्हें आलोचकों और दर्शकों दोनों से तारीफें मिली. साल 2007 में उन्होंने हॉलीवुड फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर का गाना जय हो लिखा था. इसके लिए उन्हें ऑस्कर अवार्ड के साथ-साथ ग्रैमी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.

    Tags: Gulzar, Kishore kumar, R d burman, Satyajit Ray

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर