#HappyBirthday-खुराना साहब के इस लड़के में कुछ कमाल का है

News18Hindi
Updated: September 14, 2017, 11:39 AM IST
#HappyBirthday-खुराना साहब के इस लड़के में कुछ कमाल का है
आज आयुष्मान खुराना का जन्मदिन है
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Updated: September 14, 2017, 11:39 AM IST
अंग्रजी में कहा जाता है कि लाइफ कम्स फुल सर्कल यानी जीवन एक चक्र के सामान है. आयुष्मान खुराना के फिल्मी सफर को समझना हो तो आप ऐसे ही समझ सकते हैं. वर्ष 2012 में 'विकी डोनर' के साथ फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले आयुष्मान खुराना आज 'शुभ मंगल सावधान' के लिए तारीफ बटोर रहे हैं.

'विकी डोनर' में आयुष्मान खुराना एक ऐसे नौजवान लड़के की भूमिका में थे जो अपना घर चलाने के लिए स्पर्म बेचता है और ये बात उस लड़की से छिपाता है जिससे वो प्यार करता है जबकि 'शुभ मंगल सावधान' में आयुष्मान एक ऐसे लड़के की भूमिका में है जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से परेशान है लेकिन वो ये बात अपनी प्रेमिका से छिपाता नहीं बल्कि उसे सबकुछ सच सच बता देता है.

इन दो फिल्मों के बीच भी आयुष्मान का फिल्मी सफर काफी रोमांचक रहा है. चाहे वो 'दम लगाके हईशा' हो या फिर 'हवाईजादा', 'नौटंकी साला' या फिर 'बरेली की बर्फी'. आयुष्मान खुराना जब 'विकी डोनर' में दिल्ली के अल्हड़ लड़के की भूमिका निभाते हैं तो दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले ज्यादातर युवा उनसे कनेक्ट कर पाते हैं वजह साफ है कि आयुष्मान इस भूमिका में खुद को लार्जर देन लाइफ जैसा दिखाने की कोशिश नहीं करते.

उनका किरदार बिल्कुल दिल्ली के किसी आम लड़के की तरह ही लगता है जो मेट्रो और बस की भीड़ में अचानक कहीं भी खो जाता है. स्पर्म डोनर बनने के प्रस्ताव पर उनकी झुंझलाहट, स्पर्म डोनर बन जाने के बाद उनका टशन और उनका स्वैग आपको अपने आसपास मौजूद युवाओं जैसा ही लगता है.

'दम लगाके हईशा' में हरिद्वार में रहने वाले एक लड़के का किरदार जो पूरे दिन कुमार सानू के गीत सुनता रहता है, शाखा जाता है और आखिरकार अरेंज मैरिज करता है और इसलिए खुश नहीं है क्योंकि उसकी बीवी का वजन बहुत ज्यादा है. आयुष्मान खुराना इस रोल में भी कुछ अलग करते हुए नहीं लगते लेकिन ये अलग ना करना, सामान्य बने रहना ही उनकी खासियत है क्योंकि कहते हैं कि सबसे कठिन काम है सरल बने रहना.

आयुष्मान खुराना ने अपने करियर की शुरुआत वीटीवी के साथ तब की थी जब वो महज 17 साल के थे. चंडीगढ़ में पले बढ़े और पढ़े लिखे खुराना थिएटर से जुड़े रहे हैं उन्होंने करीब 5 साल रंगमंच की दुनिया को दिए और चंडीगड़ में 'आगाज' और 'मंचतंत्रा' नामक थिएटर ग्रुप्स की शुरुआत भी की जो आज भी चंडीगढ़ में सक्रिय हैं.

'एमटीवी रोडीज' का सीजन 2 जीतने के बाद आयुष्मान पहचाने जाने लगे, जर्नलिज्म की पढ़ाई करने वाले आयुष्मान ने रेडियो में भी काम किया है. इसके बाद आयुष्मान एमटीवी समेत अलग अलग चैनलों पर शो होस्ट करने लगे और फिर उनका चेहरा घर घर में पहचाना जाने लगा.


आयुष्मान की हिंदी शानदार है और हिंदी में एक ब्लॉग भी चलाते हैं. जिस पर वो अपने दिल की बात कविताओं की शक्ल में लिखते हैं. हालांकि उनका ब्लॉग देखने पर पता लगता है कि वो अब इस पर ज्यादा एक्टिव नहीं है और ऐसा शायद इसलिए क्योंकि वो अपनी फिल्मों में काफी व्यस्त हो गए हैं.

आषुष्मान खुराना शादी शुदा हैं और दो बच्चों के पिता भी हैं. आयुष्मान का सरल, सीधा और सहज होना ही उन्हें फिल्मी दुनिया के दूसरे नायकों से अलग बनाता है और शायद यही वजह है कि वो ऐसी फिल्में आसानी से कर लेते हैं जिनके विषय दूसरे अभिनेताओं को विवादित लग सकते हैं.

 

 
First published: September 14, 2017
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