Bday Special: 91 साल की हुईं लता मंगेशकर, इस वजह से अपनी छोटी बहन से तोड़े थे रिश्ते

लता मंगेशकर
लता मंगेशकर

सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) आज अपना 91वें जन्मदिन मना रही हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर ने गाने की शुरुआत 40 के दशक में कर दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 5:58 AM IST
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मुंबई. सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) आज अपना 91वें जन्मदिन मना रही हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर ने गाने की शुरुआत 40 के दशक में कर दी थी. तब वो महज 13 साल की थीं. लता मंगेशकर को गायकी की दुनिया में अहम योगदान के लिए अब तक तीन नेशनल अवॉर्ड (फिल्म 'परिचय' के लिए 1972 में, 'कोरा कागज़' के लिए 1974 में और 'लेकिन' के लिए 1990 में) मिल चुके हैं. भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण (1969), दादा साहब फाल्के (1989), पद्म विभूषण (1999) और भारत रत्न (2001) से भी सम्मानित किया है.

लता मंगेशकर की जिंदगी से जुड़ी कई कहानियां लोगों को बताई और सुनाई जाती हैं. इनमें सबसे ज्यादा ये कहानी मशहूर है. पढ़िए दो बहनों की इस कहानी और आशा भोसले की जिंदगी के कुछ अहम हिस्से-

लता मंगेशकर ने 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. पिता के असमय निधन की वजह से उन पर ये जिम्मेदारी आ गई कि वो परिवार को संभाले. लता ने परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई भी. जब आशा बड़ी हुईं, तो लता ने इसी जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद उनसे भी की.



मगर आशा बचपन से ही अलग मिजाज की थीं. उन्हें किसी भी तरह के नियमों में बंधना पसंद नहीं था. उन्होंने अपने अलग रास्ते चुने. 16 साल की उम्र में ही आशा ने गणपतराव भोंसले से शादी कर ली. गणपतराव उस वक्त 31 साल के थे. कम ही लोग जानते हैं कि गणपत राव उस वक्त लता मंगेशकर के सेक्रेटरी हुआ करते थे. एक इंटरव्यू में खुद आशा ने बताया था कि लता मंगेशकर ने आशा और गणपत के इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी थी. इसके बाद दोनों के बीच काफी दूरी आ गई और काफी समय तक दोनों में कोई बात नहीं हुई.
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