HBD: हरिहरन ने जब लता मंगेशकर की बात को किया था नजरअंदाज, फिर मिली थी अच्छी सीख

हरिहरन दिन में लगभग 13 घंटे रियाज करते थे (फोटो साभारः Instagram/singerhariharana)

हरिहरन दिन में लगभग 13 घंटे रियाज करते थे (फोटो साभारः Instagram/singerhariharana)

ए आर रहमान (A R Rehmaan) के साथ गाना शुरू करने वाले सिंगर हरिहरन (Hariharan) का आज जन्मदिन है. इस मौके पर हम उनकी कला को लेकर उस खास सीख की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं जो उन्होंने अपने बड़ों से और अपने अनुभव से हासिल की.

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नई दिल्ली. सिंगर हरिहरन (Hariharan) की आवाज का जादू पहले की तरह बरकरार है. उन्होंने अपनी आवाज से हर किसी के दिल को छुआ है. फिर वह फिल्म 'बॉम्बे' का गाना 'तू ही रे तू ही रे' (Tu Hi R) हो या फिर काजोल और प्रभुदेवा पर फिल्माया गीत 'चंदा रे चंदा रे..', उन्होंने हर उम्र के लोगों को अपनी गायकी का कायल बनाया है. आज देश के इस शानदार सिंगर का जन्मदिन है. हरिहरन का जन्म 3 अप्रैल 1955 में मुंबई के एक तमिल परिवार में हुआ था. संगीत उन्हें विरासत में मिला है. इसलिए उन्हें बचपन से ही संगीत की तालीम मिलनी शुरू हो गई थी. वह दिन में लगभग 13 घंटे रियाज करते थे.

हरिहरन ने हिन्दी के अलावा मलयालम, तेलुगू, कन्नड़, भोजपुरी और मराठी भाषा में भी गाने गाए हैं. उन्होंने साल 1992 में ए आर रहमान के साथ गाना शुरू किया था और तभी से वे एक जाना-माना नाम हैं. उन्होंने फिल्म 'गमन' के गाने 'अजीब सानेहा मुझ पर गुजर गया यारों' से बतौर प्ले बैक सिंगर डेब्यू किया था.

हरिहरन को संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री और दो राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. हरिहरन ने कर्नाटक, हिंदुस्तानी क्लासिकल, गजल से लेकर पॉप और बॉलीवुड के गाने गाए हैं. यहां युवा कलाकारों और गायकों को उनकी बात पर ध्यान देना चाहिए, जो जल्दी से जल्दी पॉपुलर हो जाना चाहते हैं. हरिहरन लोकप्रिय और सफल होने के बावजूद घंटों संगीत का रियाज करते रहते थे. वे दिन में 13 घंटों तक रियाज करते थे. वह इसकी वजह बताते हैं. वह बताते हैं कि जिंदगी में स्ट्रगल करना क्यों जरूरी है? वह कहते हैं कि स्ट्रगल करने से जिंदगी के भाव की समझ बढ़ती है, जो आर्ट के नजरिए से बहुत जरूरी बात है.

हरिहरन अपने बड़ों से सीखने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे. इसी वजह से वह संगीत की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं. एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पहली बार जब वह स्वर कोकिला लता मंगेशकर के साथ स्टेज पर गा रहे थे तो उन्होंने उन्हें एक खास सीख दी थी. वह याद करते हुए कहते हैं, 'ईस्ट बंगाल में उनके साथ पहली बार शोज में गा रहा था. गाना था 'ये रात भीगी भीगी...' स्टेज पर जाने से पहले उन्होंने कहा कि हरि पहली बार गा रहे हो तो ज्यादा ऊपर और ऑडियंस की तरफ मत देखना. अब कोई कहता है कि ऊपर मत देखना तो उसी बात के लिए उत्साहित रहते हैं.'
वह आगे कहते हैं, 'उनके मना करने के बाद भी मैंने बात नहीं मानी. वहां पर लाख लोगों से ज्यादा ऑडियंस बैठी थी. पहली बार इतने लोगों को एक साथ देखकर चंद लम्हों के लिए मेरा ध्यान हट गया. फिर तो अंतरा शुरू होते ही गलती कर बैठा. 2 मिनट बाद जब दीदी की तरफ देखा तो वे हंस रही थीं कि तुमने क्यों ऑडियंस की तरफ देखा.'
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