जब चारों दोस्तों की प्रेग्नेंट पत्नियों को अपनी कार में बैठाकर मलाड घुमाते थे इरफान: बृजेन्द्र काला

जब चारों दोस्तों की प्रेग्नेंट पत्नियों को अपनी कार में बैठाकर मलाड घुमाते थे इरफान: बृजेन्द्र काला
इरफान खान.

पान सिंह तोमर (Pan Singh Tomar) में इरफान खान (Irfan Khan) के साथ पत्रकार (Journalist) का किरदार निभाने वाले बृजेन्द्र काला ने न्यूज़18 हिंदी से बातचीत में याद किये इरफान के साथ बिताए 20 साल

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  • Last Updated: April 29, 2020, 5:04 PM IST
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नई दिल्ली. इस दुनिया से मेरा जिगरी, मेरा दोस्त ही नहीं गया बल्कि यारों का यार, हरफनमौला और रियलिस्टिक सिनेमा (Cinema) का एक बड़ा सितारा चला गया है. इरफान जितने अच्छे कलाकर (Artist) थे उससे कहीं ज्यादा अच्छे इंसान थे. मैं, इरफान (Irfan), तिग्मांशु धूलिया और कंचन घोष की चौकड़ी पिछले 20 साल से साथ थी.

मुझे याद है कि इरफान से मेरी मुलाकात तिग्मांशु ने 1997 के आसपास कराई थी. उस वक्त हम सभी बॉलीवुड (Bollywood) में जाने के लिए रास्ते तलाश रहे थे. उसी दौरान इरफान का रुझान निर्देशन की तरफ हो गया.जबकि मैं लिखा करता था. तभी दूरदर्शन पर आने वाले एक कार्यक्रम के लिए मैंने स्क्रिप्ट लिखी और 45 मिनट के कार्यक्रम को इरफान ने निर्देशित किया. इसके बाद भँवरे ने खिलाया फूल भी हमने बनाया.जिसे तिग्मांशु ने निर्देशित किया, मैंने लिखा और इरफान ने प्रमुख किरदार निभाया.

धीरे धीरे फिर इरफान एक्टिंग की तरफ बढ़ते चले गए और एक समय ऐसा आया जब इरफान अपने आप में एक्टिंग का एक स्कूल हो गए. इस दौरान हमने साथ में पान सिंह तोमर फ़िल्म भी की. वो दौर बहुत मजेदार था.



जब मेरे किरदार पर घण्टों हंसते रहे इरफान
पान सिंह तोमर में इरफान बागी बने थे और मैं एक दब्बू और डरपोक सा पत्रकार. मुझे इरफान का इंटरव्यू लेना था. जैसे ही सीन शुरू हुआ, कैमरा ऑन हुआ मैंने डायलॉग बोलना शुरू किया, इतने में ही कैमरा हिलने लगा और जोर जोर से हंसने की आवाज आई. देखा तो इरफान और कैमरामैन मेरी एक्टिंग पर हंस रहे थे. सीन फिर शुरू हुआ तो दोनों का फिर वही हाल. कई बार ऐसा होने पर मैंने निर्देशक को कहा कि इन दोनों को चुप कर लो तभी सीन शूट करूँगा. तब जाकर इरफान शांत हुए और बोले कि यार तेरे डर पर बहुत हंसी आ रही है.
हालांकि हम लोगों की ट्यूनिंग इतनी अच्छी थी कि आंखों में देखकर ही एक दूसरे की मंशा भांप जाते थे.

पतंगबाजी ओर क्रिकेट तो इरफान की जान थे
हमने कई साल तक एक दूसरे के साथ काम किया है. उस दौरान जब भी शूटिंग के दौरान वक्त मिला हम सब क्रिकेट खेले. इरफान को पतंगबाजी का जबरदस्त शौक था. उनकी कार में एक बैट-बॉल और पतंग और चरखी हमेशा रखी मिलती थीं.
एक बार रुड़की में शूटिंग के दौरान बारिश और आंधी आ गयी तो शूटिंग कैंसिल हो गयी और देर शाम तक पतंगें ही उड़ाते रहे.

जब 4-4 बेगमों वाले अफगानी शेख बनते थे इरफान
इरफान बहुत ही ज़िंदादिल इंसान थे. बहुत दिलचस्प किस्सा है कि 21 साल पहले हम चारों इरफान, तिग्मांशु, कंचन और मेरी पत्नी एक साथ प्रेग्नेंट हो गईं थीं. चारों अपनी अपनी पत्नियों की बातें करते थे. उस वक्त इरफान के पास मारुति 8 हंड्रेड कार थी. तो इरफान चारों दोस्तों की पत्नियों को कार में बिठाते थे और उन्हें मलाड शॉपिंग कराने और घुमाने ले जाते थे. वहां कार से सबसे पहले उतरते फिर कार का एक एक गेट खोलते. जब चारों प्रेग्नेंट महिलाएं उतरतीं तो वो नजारा देखने वाला होता था. इरफान खुद अफगानी शेख बन जाते थे और कहते थे कि उनकी 4-4 बेगम हैं. ये सब देखकर हम सब बहुत हंसते थे.
इतना ही नहीं इरफान ने जब हम सब के बच्चे हो गए तो उन्हें लेकर एक 45 मिनट का एपिसोड भी बनाया था. उस वक्त बचे 1-2 साल के थे.

हालांकि इतना सुंदर वक्त बिताने के बाद हम सब अलग अलग शूटिंग में बिजी हो गए और इरफान को उनकी बीमारी ने घेर लिया. 2017-18 से उनसे ज्यादा सम्पर्क नहीं हो पाता था इसकी एक वजह उनका इलाज के लिए बार बार लन्दन जाना भी था.अब जब वो हमारे बीच नहीं हैं तो खालीपन महसूस हो रहा है. ये खालीपन शायद कभी नहीं भरेगा.

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