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Birth Anniversary: ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्में हंसी-हंसी में कह जाती थीं गहरी बातें

Birth Anniversary: ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्में हंसी-हंसी में कह जाती थीं गहरी बातें

सामाजिक विषयों पर नायाब फिल्में बनाने वाले ऋषिकेश मुखर्जी 30 सितंबर को पैदा हुए थे.

सामाजिक विषयों पर नायाब फिल्में बनाने वाले ऋषिकेश मुखर्जी 30 सितंबर को पैदा हुए थे.

‘आनंद’,(Anand) ‘अनुराधा’, ‘गोलमाल’, ‘बावर्ची’, ‘गुड्डी’,’चुपके-चुपके’, ‘अनाड़ी’ जैसी फिल्मों के निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी (Hrishikesh mukherjee) की जयंती (Birth Anniversary) पर आदरांजलि.

  • News18Hindi
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    भारतीय सिनेमा में विशिष्ट योगदान देने और अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को झकझोरने वाले ऋषिकेश मुखर्जी (Hrishikesh mukherjee) 30 सितंबर 1922 में कोलकाता में पैदा हुए थे. ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्में हंसी-हंसी में गहरी बातें कह जाती थी और यही वो फिल्मकार थे जिन्होंने कॉमेडी को एक नया आयाम दिया था. ‘आनंद’, ‘अनुराधा’, ‘गोलमाल’, ‘बावर्ची’, ‘गुड्डी’,’चुपके-चुपके’, ‘अनाड़ी’ जैसी फिल्मों के निर्देशक ऋषि दा की जयंती (Birth Anniversary) पर उन्हें आदरांजलि देते हुए उनके फिल्मी सफर पर नजर डालते हैं.

    ऋषिकेश मुखर्जी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले अध्यापन करते थे. मैथ और साइंस पढ़ाने वाले ऋषि दा की प्रतिभा को फेमस डायरेक्टर बिमल राय ने पहचाना था. कहते हैं कि बिमल राय की कालजयी फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ में सहायक निर्देशक के तौर पर काम शुरू किया था. करीब 6 साल तक बिमल राय के साथ काम कर मंझ चुके ऋषिकेश ने 1957 में फिल्म ‘मुसाफिर’ से डायरेक्शन में कदम रखा. फिल्म भले ही नहीं चल पाई लेकिन ऋषि दा ने अपनी काबिलियत का डंका बजा दिया. राज कपूर इतने प्रभावित हुए कि अपनी अगली फिल्म ‘अनाड़ी’ उनके साथ बनाई. राज कपूर की अदाकारी और ऋषिकेश के सधे हुए निर्देशन ने फिल्म को जबरदस्त सफलता दिलाई थी.

    ऋषिकेश मुखर्जी ने अपने करियर की शुरुआत न्यू थिएटर में बतौर कैमरामैन की थी.

    ऋषिकेश मुखर्जी की खासियत थी कि अपनी कॉमेडी फिल्मों के माध्यम से भी समाज को सकारात्मक संदेश देते थे. दर्शकों को हंसाते-हंसाते उन्हें जीवन के कड़वे सच से वाकिफ करा देते थे. ऋषि दा ने ‘अनुराधा’, ‘अनुपमा’, ‘आशीर्वाद’ और ‘सत्यकाम’ जैसी ऑफ बीट फिल्में बनाई. अपने फिल्मी जीवन में हमेशा ही नायाब प्रयोग करने वाले ऋषि दा ने मानवीय संबंधों की बारीकियों को सिल्वर स्क्रीन पर बखूबी पेश करते थे. ऋषिकेश ने सिर्फ फिल्में ही नहीं बल्कि टीवी धारावाहिक भी बनाए. ‘तलाश’, ‘रिश्ते’, ‘हम हिंदुस्तानी’, ‘धूप-छांव’ और ‘उजाले की ओर’ जैसे शानदार धारावाहिक बनाए थे.

    ऋषिकेश मुखर्जी ने कॉमेडी फिल्मों को एक नया रंग दिया था.

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    ऋषिकेश मुखर्जी के डायरेक्शन का ही कमाल था कि राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, अमोल पालेकर, जया भादुड़ी जैसे कई कलाकारों को सुपरस्टार बना दिया. उन्हें सन 2000 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. उन्हें 6 बार 1961, 1967, 1970, 1971, 1972, 1981  में बेस्ट फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला. इसके अलावा उन्हें बेस्ट स्टोरी, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट एडिटिंग के लिए भी कई बार फिल्म पुरस्कार मिला.

    Tags: Amitabh bachchan, Birth anniversary, Hrishikesh Mukherjee, Jaya bachchan, Rajesh khanna

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