IAF की रिटायर्ड विंग कमांडर ने 'गुंजन सक्सेना' पर साधा निशाना, कहा- करण जौहर फैला रहे हैं झूठ

IAF की रिटायर्ड विंग कमांडर ने 'गुंजन सक्सेना' पर साधा निशाना, कहा- करण जौहर फैला रहे हैं झूठ
फिल्म सेना की पहली पायलट गुंजन सक्सेना की कहानी पर आधारित है.

कारगिल गर्ल गुंजन सक्सेना के साथ काम कर चुकीं रिटायर्ड विंग कमांडर नम्रता चंदी (Namrita Chandi) ने फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर करण जौहर (Karan Johar) पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 16, 2020, 11:16 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) की फिल्म 'गुंजन सक्सेनाः द कारगिल गर्ल' (Gunjan Saxena: The Kargil Girl) 12 अगस्त को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज की गई है. फिल्म को दर्शकों से भरपूर प्यार मिल रहा है. लेकिन, दूसरी तरफ फिल्म को लेकर हंगामा होता भी दिख रहा है. हाल ही में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने फिल्म के कंटेंट को लेकर आपत्ति जताई है और सेंसर बोर्ड को एक पत्र लिखा है. भारतीय वायुसेना के मुताबिक, फिल्म में IAF की छवि गलत तरीके से पेश की गई है. अब कारगिल गर्ल गुंजन सक्सेना के साथ काम कर चुकीं रिटायर्ड विंग कमांडर नम्रता चंदी (Namrita Chandi) ने फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर करण जौहर (Karan Johar) पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है.

आउटलुक से बातचीत में नम्रता ने कहा, ''मैं खुद एयरफोर्स में हेलिकॉप्टर पायलट रही हूं. मैंने कभी भी इस तरह का शोषण या भेदभाव का सामना नहीं किया, जैसा फिल्म में दिखाया गया है. मुझे लगता है कि यूनिफॉर्म वाले प्रोफेशनल और जेंटलमैन हैं. हां शुरुआत में मुझे भी समस्या आई थी क्योंकि लड़कियों के लिए चेजिंग रूम नहीं था लेडीज टॉयलेट भी नहीं था. इसके बावजूद पुरुष अधिकारियों ने हमारे लिए स्पेस बनाया. कई बार ऑफिसर पर्दे के सामने खड़े रहते थे, जब मैं चेंज करती थीं. 15 साल के कैरियर में न मेरा अपमान हुआ और न ही मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया.''

गुंजन सक्सेना बोलीं- 'IAF में मिला समान अवसर'
वहीं, गुंजन सक्सेना ने अपनी बायोपिक पर हो रहे विवाद पर सफाई दी है. एक न्यूज पोर्टल से बात करते हुए गुंजन सक्सेना ने कहा कि 'भारतीय वायुसेना में उन्हें हमेशा समान अधिकार दिए गए. IAF ही इस फिल्म की जान है. मुझे वायुसेना में समान अवसर दिए गए. अभी भी सभी महिलाओं को संगठन में पुरुषों के समान ही अधिकार दिए जाते हैं. बीते 20 सालों में भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी भी काफी बढ़ी है. यह बात इसे दर्शाता है कि, भारतीय वायुसेना ने खुले दिल से बदलाव को स्वीकारा है.'
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