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इस ट्वीट को पढ़ भावुक हुए सोनू सूद, कहा- 'काश मेरी मां यह देखने के लिए मेरे साथ होतीं'

सोनू सूद (Photo Credit- @sonu_sood/Instagram)
सोनू सूद (Photo Credit- @sonu_sood/Instagram)

सोनू सूद के इस नेक काम को देखते हुए देश के सबसे प्रतिष्ठित IAS और IPS प्रशिक्षण अकादमी में से एक 'शरत चंद्र आईएएस अकादमी (Sarat Chandra IAS Academy)' ने बालीवुड एक्टर के नाम पर एक विभाग बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 8:52 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) इस बार देश के लिए बड़ी मिसाल बनकर उभरे हैं. कोरोना काल में एक्टर ने जिस तरह से फ्रंट लाइन वर्कर्स से लेकर छात्रों तक मदद पहुंचाई, उन्हें सबसे मुश्किल घड़ी से बाहर निकाला, इसके बाद से वह देश के रियल लाइफ हीरो बन गए हैं. उनके नेक कामों के चलते वह उन लोगों के मसीहा बन गए हैं, जिनकी उन्होंने कोरोना वायरस जैसी महामारी के बीच मदद की. सोनू सूद के इस नेक काम को देखते हुए देश के सबसे प्रतिष्ठित IAS और IPS प्रशिक्षण अकादमी में से एक 'शरत चंद्र आईएएस अकादमी (Sarat Chandra IAS Academy)' ने सोनू सूद के नाम पर एक विभाग बनाया है.

सोनू सूद के नेक प्रयासों का सम्मान करते हुए और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए आंध्र प्रदेश स्थित शरत चंद्र आईएएस अकादमी, शरत चंद्र डिग्री कॉलेज और शरत चंद्र जूनियर कॉलेज ने उनके नाम पर एक विभाग बनाया है. इस सम्मान को लेकर सोनू सूद भी बेहद खुश हैं. उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए खुद को मिले इस सम्मान पर खुशी जाहिर की है. साथ ही इस बात पर दुख भी जाहिर किया है कि उनकी मां उनकी इस खुशी में उनके साथ नहीं हैं.






सोनू सूद ने एक पोस्ट को रिट्वीट करते हुए लिखा है- 'काश यह देखने के लिए मेरी मां आज मेरे साथ होतीं.' बता दें, कुछ समय पहले ही सोनू सूद ने अपनी मां के सम्मान में जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम की घोषणा की थी. इसके साथ ही उन्होंने कोरोना काल में कई छात्रों तक अपनी मदद पहुंचाई थी. यही नहीं, विदेश में फंसे छात्रों को देश वापस लाने के लिए भी सोनू सूद ने कई कदम उठाए थे.
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