इला अरुण बोलीं- लोग मुझे लोक-गायक के रूप में जानते हैं, मैं रियल में एक्ट्रेस हूं

राजस्थानी लोक गायिका इला अरुण.
राजस्थानी लोक गायिका इला अरुण.

एक्ट्रेस और सिंगर इला अरुण (Ila Arun) का कहना है कि दर्शक मुख्य रूप से उन्हें एक प्रसिद्ध राजस्थानी लोक-गायक के रूप में जानते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक एक्ट्रेस हैं क्योंकि एक्टिंग के जरिए ही उन्होंने एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में डेब्यू किया था.

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  • Last Updated: November 13, 2020, 5:40 PM IST
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मुंबई. एक्ट्रेस और सिंगर इला अरुण (Ila Arun) का कहना है कि दर्शक मुख्य रूप से उन्हें एक प्रसिद्ध राजस्थानी लोक-गायक के रूप में जानते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक एक्ट्रेस हैं क्योंकि एक्टिंग के जरिए ही उन्होंने एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में डेब्यू किया था.

66 वर्षीय इला अरुण ने 1991 में आई फिल्म ‘लम्हें’ का गाना ‘मोरनी बागा मा बोले’, 1993 की ‘खलनायक’ के गाने ‘चोली के पीछे’ और ऑस्कर विजेता फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ (2008) के ‘रिंगा रिंगा’ जैसे सुपरहिट गाने के साथ प्रसिद्धि हासिल की, लेकिन उन्होंने 1983 में दिग्गज डायरेक्टर श्याम बेनेगल की ‘मंडी’ से अपनी हिंदी फिल्मों की यात्रा की शुरुआत की थी.

वर्तमान में हंसल मेहता की सामाजिक कॉमेडी फिल्म ‘छलांग’ में एक अहम किरदार निभाने वाली इला अरुण ने कहा कि थिएटर के माध्यम से कम उम्र में ही उनको एक्टिंग करने में दिलचस्पी होने लगी थी. उन्होंने कहा कि राजस्थान संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें 1970 के दशक में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में 6 महीने के पाठ्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति दी थी, जब महान नाट्य शिक्षक अब्राहिम अलकाज़ी निर्देशक हुआ करते थे.



फिल्म ‘मंडी’ में काम करने के अपने अनुभव को याद करते हुए, एक्ट्रेस ने कहा कि यह पहली बार था जब उन्होंने कैमरे का सामना किया था, तब उन्हें मंच और कैमरे के बीच का अंतर नहीं पता था. उन्होंने यह सब काम करते हुए सीखा है.
उन्होंने जूम पर दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे लिखने और पढ़ने में काफी दिलचस्पी है. अगर मुझे अपने किरदार के बारे में कुछ भी संदेह होता है, तो मैं इसे अपने डायरेक्टर के साथ शेयर करती हूं.’ उन्होंने कहा कि वे अपने स्कूल के दिनों में गायन के लिए जाती थी और नाटकों में अभिनय भी करती थी, जिसे उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भी जारी रखा.

उन्होंने कहा, ‘मैं दरअसल एक एक्ट्रेस हूं. एक्टिंग हमेशा मेरे जीवन का हिस्सा रहा है और मुझे यह बेहद पसंद है, चाहे यह मंच पर हो या कैमरे के सामने. मैं इसमें सहज हूं, सब कुछ मैंने अपने अवलोकन और अनुभव से सीखा है.’ जयपुर की रहने वालीं अरुण ने कहा, ‘मैं अपने आसपास के लोगों से सीखती रहती हूं. मुझे एनएसडी में दाखिला मिला. फिर फिल्मों में काम किया, फिर फिल्मों और एल्बमों में गाना गाया.’
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