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कब होगा कोरोना का क्‍लाइमैक्‍स और कब बॉलीवुड कह सकेगा 'Show Must Go On'...?

Deepika Sharma | News18Hindi
Updated: April 10, 2020, 9:27 PM IST
कब होगा कोरोना का क्‍लाइमैक्‍स और कब बॉलीवुड कह सकेगा 'Show Must Go On'...?
कोरोना के चलते इन दिनों बॉलीवुड भी पूरी तरह से ठप्प है.

ये बात सच है कि कोरोना-संकट (Coronavirus) ने जो हालात पैदा किए हैं, वो भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के इतिहास में शायद कभी नहीं बने. लेकिन बॉलीवुड (Bollywood) के बिजनेस का इतिहास उठा कर देखें तो यहां 'देर है अंधेर नहीं...'.

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  • Last Updated: April 10, 2020, 9:27 PM IST
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एक वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है, सरकारें अपनी पूरी क्षमता से इस वायरस से लड़ने की मुहिम कर रही हैं, लोग घरों में बंद हैं... लाखों लोगों की जान जा चुकी है... वैज्ञानिक अब भी इस मर्ज की दवा ढूंढने में लगे हैं... पूरी दुनिया में इस समय जो माहौल है, वह किसी फिल्‍म से कम नहीं है. बल्कि दुनिया के आज के हालातों को देखते हुए कई फिल्‍में, वेब सीरीज आपको भी ऐसी याद आ रही होंगी, जिनमें ऐसा मंजर आप पहले भी देख चुके हों. ढाई या तीन घंटे की फिल्‍म के क्‍लाइमैक्‍स में हम सब कुछ सुधरने, हर दुश्‍मन पर काबू पाने की उम्‍मीद करते हैं, लेकिन कोरोना वायरस ने जो कहानी शुरू की है, उसके क्‍लाइमैक्‍स में अभी कितना समय है, ये कोई नहीं जानता.

जहां ये सब इतना फिल्‍मी सा लग रहा है, वहीं इस असलीयत से जूझकर फिल्‍मी दुनिया भी सकते में आ गई है. हिंदी सिनेमा में ऐसा कई बार हुआ है, जब पर्दे पर फिल्‍में रिलीज करने से रोकी गईं और बॉलीवुड का बिजनेस ठंडा पड़ा हो. लेकिन कोरोना वायरस के इस पेनडेमिक ने सिनेमा की दुनिया पर 3 महीने का ब्रेक लगा दिया है. हिंदी सिनेमा हमेशा 'The Show Must Go On' कहते रहा है, लेकिन इस पेनडेमिक के आगे कुछ भी गो ऑन नहीं हो सकता.

पहली तीन महीने रहे हैं ठंडे
जनवरी से मार्च के बीच तक बॉलीवुड में कुछ बड़ी फिल्‍में रिलीज हुईं और दर्शकों ने इन्‍हें पसंद भी किया. एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल पहले तीन महीनों में बॉलीवुड़ की फिल्‍मों ने 1500 करोड़ तक की कमाई की थी, जबकि इस साल ये आंकड़ा 1000 करोड़ तक ही पहुंच पाया है. इस साल रिलीज हुई फिल्‍मों में अजय देवगन की 'तान्‍हाजी: द अनसंग वॉरियर' अब तक की सबसे बड़ी फिल्‍म रही है, जिसने 367.58 करोड़ की कमाई की है. जबकि टाइगर श्रॉफ और श्रद्धा कपूर की 'बागी 3' 135.07 करोड़ की कमाई पर ही सिमट गई. कोरोना वायरस के चलते 25 मार्च से पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगा है, जो 14 अप्रैल तक है. लेकिन फिलहाल के हालातों को देखकर साफ है कि ये लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है. अगर लॉकडाउन बढ़ाया नहीं गया तो भी इतनी जल्‍दी फिल्‍मों की शूटिंग या सिनेमाघरों तक दर्शकों का जाना संभव नहीं है.







कहते हैं, अपने भविष्‍य के सवालों के लिए हमें अपना इतिहास जरूर देखना चाहिए. बॉलीवुड का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है, जो साफ करता है कि यहां भी बड़ी से बड़ी मुश्किल के बाद भी 'हैप्‍पी एंडिंग' ही होगी. इतना ही नहीं, सिनेमा का इतिहास ये भी बताया है कि हर संकट के बाद दर्शकों ने सिनेमा को अपना भरपूर प्‍यार दिया है और थिएटर्स में दर्शकों की भरमार रही है. कोरोना संकट से पहले की अगर बात करें तो, पिछले 50 सालों में बॉलीवुड ने 4 मेजर लॉकडाउन झेले हैं. लेकिन 'शो मस्‍ट गो ऑन' की धुन पर चलने वाला बॉलीवुड हर बार इन संकटों से उबरा है.

50 सालों में ये रहे बॉलीवुड के बड़े लॉकडाउन
मार्च, 1968 में लगभग 19 दिनों के लिए फिल्‍मों की रिलीज और शूटिंग रोकी गई थी. ये फैसला सीपीसीआई राजस्‍थान और उत्तर के राज्‍यों में बढ़े हुए रेंटल चार्जेज की वजह से ल‍िया गया था. लेकिन इस शटडाउन के बाद जब सिनेमाघर खुले तो फिल्‍मों की सफलता की जैसे झड़ी लग गई थी.

अक्‍टूबर, 1986 में भी ऐसे ही हालत हुए थे, जब मुंबई में ही फिल्‍मों की रिलीज रोक दी गई थी. ऐसा इसलिए हुआ था क्‍योंकि महाराष्‍ट्र में एक भारीभरकम टैक्‍स लगाया गया था. हालांकि इस दौरान दूसरे सर्किट्स में फिल्‍में रिलीज होती रही थीं. एक हफ्ते बाद जब फिल्‍मों की रिलीज की रोक वाली ये हड़ताल खत्‍म हुई तो इसके बाद रिलीज हुईं 'इंसाफ की आवाज' और 'दोसती दुश्‍मनी' हिट साबित हुईं. जबकि 'नागिन' ब्‍लॉकबस्‍टर रही थी.



टैक्‍स की ये समस्‍या एक बार फिर 1997 में वापस आई थी तब जनवरी में एक महीने के लिए एक भी बड़ी फिल्‍म रिलीज नहीं हुई. दरअसल राज्‍य सरकार ने 1984 में एंटरटेनमेंट टैक्‍स 50% कर दिया था जो जनवरी 1997 से फिर से 100% हो गया. इसके चलते महाराष्‍ट्र में सिनेमाहॉल बंद हो गए और कोई बड़ी फिल्‍म रिलीज नहीं हुई. एक महीने बाद जब सिनेमाहॉल खुले तो 'जुड़वा', 'हीरो नंबर 1', 'जुदाई', 'जिद्दी' और 'कोयला' जैसी फिल्‍मों ने बॉक्‍स ऑफिस पर धमाल मचा दिया.



आखिरी बार सिनेमाघरों को ऐसे हालातों का सामना 2009 में करना पड़ा था, जब मल्टिप्‍लेक्‍स और डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों-प्रोड्यूसरों के बीच रिवेन्‍यू को लेकर झगड़ा हुआ था. इस झगड़े में सिनेमाहॉल तो बंद नहीं हुए लेकिन लगभग 3 महीने तक किसी भी बड़े प्रोड्यूसर ने अपनी फिल्‍म रिलीज नहीं की. हालांकि इस हड़ताल के बाद भी जब फिल्‍में पर्दे पर आईं तो जबरदस्‍त हिट रहीं.

बॉलीवुड के बिजनेस का ये इतिहास बताता है कि यहां 'देर है अंधेर नहीं...'. कोरोना की वजह से रणवीर सिंह दीपिका पादुकोण की '83', अक्षय कुमार की 'सूर्यवंशी', यश राज फिल्‍म्‍स की 'संदीप और पिंकी फरार' जैसी फिल्‍में रिलीज के लिए आगे बढ़ गई हैं. जबकि वहीं सलमान खान की 'राधे' का उनके फैंस को बेसब्री से इंतजार है. यानी इस संकट से निकलते ही दर्शकों को परोसने के लिए बॉलीवुड के पास भरपूर मसालेदार व्‍यंजन हैं. हालांकि ये भी सच है कि कोरोना-संकट ने जो हालात पैदा किए हैं, वो भारतीय सिनेमा के इतिहास में शायद कभी नहीं बने. अब देखना है इस क्‍लाइमैक्‍स के बाद क्‍या एक बार फिर इतिहास खुद को दोहराएगा और फिर से बॉलीवुड की बल्‍ले-बल्‍ले होगी.

(इनपुट बॉक्‍स ऑफ‍िस इंडिया से भी)

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First published: April 10, 2020, 9:09 PM IST
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