बिहार DGP बोले- 'सुशांत केस की जांच के लिए मुंबई गए IPS अधिकारी को क्वारंटीन के नाम पर हाउस अरेस्ट किया गया'

सुंशात सिंह राजपूत केस में बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा बयान. (File)
सुंशात सिंह राजपूत केस में बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा बयान. (File)

बिहार डीजीपी (Bihar DGP) ने यहां तक आरोप लगाया कि क्वारंटीन के नाम पर मुंबई पुलिस ने एक आईपीएस अधिकारी को 'हाउस अरेस्ट (House Arrest)' किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 11:41 AM IST
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मुंबईः सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत मामले में एक्टर के पिता ने हाल ही में बिहार के पटना में शिकायत दर्ज कराई है. एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच के लिए बिहार पुलिस की टीम मुंबई पहुंची है. हाल ही में बिहार पुलिस टीम के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी (IPS Vinay Tiwari) भी मामले की जांच के लिए मुंबई (Mumbai) पहुंचे हैं, जिन्हें मुंबई में क्वारंटीन किया गया है. विनय तिवारी को क्वारंटीन किए जाने के बाद बिहार पुलिस के प्रमुख गुप्तेश्वर पांडेय इससे खासे नाराज हैं. बिहार डीजीपी (Bihar DGP) ने यहां तक आरोप लगाया कि क्वारंटीन के नाम पर मुंबई पुलिस ने एक आईपीएस अधिकारी को 'हाउस अरेस्ट (House Arrest)' किया गया है. बिहार डीजीपी ने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस रिया चक्रवर्ती की भाषा बोल रही है. गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) के मुताबिक, मुंबई पुलिस इस मामले में बिहार पुलिस का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है.

बिहार डीजीपी के मुताबिक, "IPS अधिकारी की एक गरिमा होती है. मुंबई पुलिस इस काम के जरिए, अपने जूनियर अधिकारियों को क्या संदेश देना चाहती है. एक आईपीएस को हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है. कुछ दिन पहले बिहार पुलिस अफसर (Bihar Police) को धक्का देते हए कैदी वैन में बैठा दिया गया. मैंने मीडिया को मुंबई पुलिस की इज्जत बचाने के लिए बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था. पर ऐसा हुआ था क्योंकि ये नजारा हर किसी ने देखा था. मुंबई में अब तो स्थिति ऐसी हो गई है क अगर मैं भी जाउंगा, तो मुंबई पुलिस मुझे भी हाउस अरेस्ट कर लेगी."


उन्होंने आगे कहा- कि ''सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद से मैं कई बार मुम्बई पुलिस प्रमुख से बात करने की कोशिश कर चुका हूं, लेकिन एक बार भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ, ना ही मेरे किसी मैसेज का जवाब दिया गया. जिस दिन सुशांत का शव उनके कमरे से मिला था, उसके दूसरे ही दिन मैंने मुम्बई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह को कॉल किया था और उनसे बात करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने ना तो कॉल रिसीव किया और ना ही कॉलबैक किया. यही नहीं, मैंने जब उन्हें व्हाटसअप मैसेज किया तो उसका भी जवाब नहीं दिया गया."
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