होम /न्यूज /मनोरंजन /इजरायल सरकार ने लापिड के बयान से खुद को दूर करने में दिखाई फुर्ती, डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया कड़ा कदम

इजरायल सरकार ने लापिड के बयान से खुद को दूर करने में दिखाई फुर्ती, डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया कड़ा कदम

IFFI के ज्यूरी हेड नादव लापिड के ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बयान से इजरायल सरकार ने खुद को किया दूर. (twitter.com/navdeepyadav321)

IFFI के ज्यूरी हेड नादव लापिड के ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बयान से इजरायल सरकार ने खुद को किया दूर. (twitter.com/navdeepyadav321)

इजरायल की सरकार ने IFFI के ज्यूरी हेड नादव लापिड के ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगेंडा और वल्गर फिल्म कहने के बाद डैमेज ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

इजरायल की सरकार ने फुर्ती से इस पूरे मामले पर डैमेड कंट्रोल के लिए कदम उठाया.
भारत के साथ इजरायल के रिश्ते पिछले 8 साल में लगातार सुधरे हैं.
रक्षा के साथ ही खेती और कंप्यूटर जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी एक नए स्तर तक पहुंची है.

नई दिल्ली. गोवा में 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (International Film Festival of India-IFFI) में ज्यूरी हेड नादव लापिड (Nadav Lapid) के ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) को प्रोपेगेंडा और वल्गर फिल्म कहने से भारत में विवाद भड़क उठा. इसके बाद इजरायल की सरकार ने जिस फुर्ती से इस पूरे मामले पर डैमेड कंट्रोल के लिए कदम उठाया, उसकी मिसाल कम ही मिलती है. भारत के साथ इजरायल के रिश्ते पिछले 8 साल में लगातार सुधरे हैं. रक्षा और सुरक्षा टेक्नेलॉजी के साथ ही खेती और कंप्यूटर जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी एक नए स्तर तक पहुंची है.

ऐसे में नादव लापिड का ये बयान आपसी रिश्तों में कड़वाहट घोल सकता था. क्योंकि ये बयान भारतीय जनमानस के एकदम खिलाफ है. कश्मीर में जिस तरह से आतंकवाद ने कश्मीरी पंडितों को कभी न मिटने वाले जख्म दिए हैं, उसे सामने लाने वाली फिल्म को वल्गर और प्रोपेगेंडा बताना वास्तव में असंवेदनशील मानसिकता को सामने लाता है. बहरहाल तत्काल ही भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन (Naor Gilon) ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए माफी मांगकर भारत के लोगों के गुस्से को काफी हद तक शांत करने की कोशिश की.

The Kashmir Files: संजय राउत से लेकर इजराइली राजदूत तक… जानें लापिड के कमेंट पर किसने क्या कहा?

भारत में लंबे समय तक कार्यरत रह इजरायल के पूर्व राजदूत डेविड कार्मन ने भी मोर्चा संभाला और कई ट्वीट करके नादव लापिड को कड़ी फटकार लगाई. डैनियल कार्मन ने कहा कि लापिड को बिना किसी संवेदनशीलता के ऐतिहासिक तथ्यों पर अपनी गलत निजी टिप्पणियों के लिए निश्चित रूप से माफी मांगनी चाहिए. वास्तव में वे तो यह जानते ही नहीं हैं कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं. मैं भारत में अपने कई दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे केवल एक शख्स की टिप्पणी को लेकर होलोकास्ट (Holocaust) के बारे में सच्चाई पर संदेह नहीं करें. यहूदी खुद एक पीड़ित कौम हैं और वे दूसरे लोगों की पीड़ा को बखूबी समझते हैं.

Tags: Israel, Kashmir Terrorist, The Kashmir Files

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें