बॉलीवुड में ड्रग्स पर बोले जावेद अख्तर- 'मैंने सिर्फ सुना है, अपनी आंखों से कभी नहीं देखा'

भाई-भतीजावाद और ड्रग्स को लेकर जावेद अख्तर ने प्रतिक्रिया दी.
भाई-भतीजावाद और ड्रग्स को लेकर जावेद अख्तर ने प्रतिक्रिया दी.

मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने ड्रग्स (Drugs) को बड़ी समस्या बताया साथ ही उन्होंने नेपोटिज्म (Nepotism) पर अपने विचार रखते हुए कहा कि विरासत को भाई-भतीजावाद नहीं कहा जा सकता है. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 6:57 AM IST
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मुंबई. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की दुखद मौत के बाद बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद (Nepotism in Bollywood) को लेकर शुरू हुई बहस ने इस आग को और भड़काया. इनसाइडर और आउट साइडर की जंग ने इंडस्ट्री को दो गुटों में बांट दिया. इस चमचमाती दुनिया की असली हकीकत क्या है? लोग किस पर विश्वास करें, ये किसी को समझ नहीं आ रहा है. सुशांत ने निधन के बाद नेपोटिज्म ही नहीं ड्रग्स (Drugs) की वजह से एक बार फिर से बॉलीवुड घर घर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इन दिनों शोर मचाते इन मामलों पर हाल ही में मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने हाल ही में जिन्होंने हाल ही में न्यूज पोर्टल को इंटरव्यू के दौरान ने नेपोटिज्म और ड्रग्स (Nepotism and Drugs) को लेकर अपने विचार रखे. सुशांत केस में जिस तरह से ड्रग्स एंगल सामने आया है, उसकी वजह से बॉलीवुड की छवि एक बार फिर खराब गो गई. हर मुद्दे पर अपने बेबाक राय रखने वाले मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने बॉलीवुड में ड्रग्स को लेकर कहा, ये एक बड़ी समस्या है.

उन्होंने कहा मैंने इसके बारे केवल सुना है. मैंने अपनी आंखों से कभी ड्रग्स नहीं देखा है, लेकिन मैंने सुना है कि युवा इसका इस्तेमाल करते हैं. यह केवल फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज की वर्तमान समस्या है. जिस पर गौर किया जाना चाहिए. जावेद अख्तर ने कहा कि मुझे तो ये भी नहीं पता कि क्या वैध है और क्या अवैध. इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए और इस बुराई को जड़ से खत्म करने पर जोर देना चाहिए.

नेपोटिज्म पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि विरासत को भाई-भतीजावाद नहीं कहा जा सकता है. जावेद अख्तर ने कहा कि मुझे लगता है कि लोग भाई-भतीजावाद के साथ विरासत को भ्रमित कर रहे हैं. फिल्म उद्योग में, भाई-भतीजावाद संभव नहीं है क्योंकि अंततः जो व्यक्ति बॉक्स ऑफिस पर टिकट खरीद रहा है, वह मतदाता है और इसमें कोई धांधली नहीं की जा सकती है.
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