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BDay Special: हेमा मालिनी को शादी के लिए मनाने मद्रास ले गए थे जितेंद्र, आ धमकीं मंगेतर!

News18Hindi
Updated: April 7, 2020, 6:32 AM IST
BDay Special: हेमा मालिनी को शादी के लिए मनाने मद्रास ले गए थे जितेंद्र, आ धमकीं मंगेतर!
जितेंद्र और हेमा मालिनी.

एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर जि‍तेन्द्र (Jeetendra) का 7 अप्रैल को जन्मदिन होता है. आइए जानते हैं अपने जमाने के हैंडसम हंक रहे जि‍तेन्द्र के बारे में कुछ खास बातें.

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नई दिल्ली. एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर जि‍तेन्द्र (Jeetendra) का 7 अप्रैल को जन्मदिन होता है. जि‍तेन्द्र का असली नाम 'रवि कपूर' है. डायरेक्टर वी शांताराम ने उनको 'जितेंद्र' नाम दिया था.अभिनेता जितेन्द्र बॉलीवुड के पहले 'रियल डांसिंगग स्टार' हैं. मुंबई के गोरेगांव में लड़कों का एक समूह अक्सर फिल्मों का पहला शो देखा करता था. फिल्म देखने के बाद वे लोगों को बताते कि फिल्म कैसी है. एक दिन निर्माता-निर्देशक वी. शांताराम फिल्म देखने आए हुए थे. उन्होंने लड़कों के समूह में से एक लड़के को फिल्म के बारे में लोगों से बातचीत करते हुए देखा. शांताराम उस लड़के से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने निश्चय किया कि वह उसे अपनी फिल्म में काम करने का मौका देंगे.

यह लड़का रवि कपूर था जो बाद में फिल्म इंडस्ट्री में जितेन्द्र के नाम से मशहूर हुआ. 7 अप्रैल 1942 को एक जौहरी परिवार में जन्मे जितेन्द्र का रुझान बचपन से हीं फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे. वह अक्सर घर से भागकर फिल्म देखने चले जाते थे. जितेन्द्र ने अपने सिने कैरियर की शुरुआत 1959 में प्रदर्शित फिल्म 'नवरंग' से की जिसमें उन्हें छोटी सी भूमिका निभाने का अवसर मिला.

लगभग पांच वर्ष तक जितेन्द्र फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता के रूप में काम पाने के लिये संघर्षरत रहे. वर्ष 1964 में उन्हें वी शांताराम की फिल्म 'गीत गाया पत्थरों ने' में काम करने का अवसर मिला. इस फिल्म के बाद ज‌ितेन्द्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए. वर्ष 1967 में जितेन्द्र की एक और सुपरहिट फिल्म 'फर्ज प्रदर्शित हुई. रविकांत नगाइच निर्देशित इस फिल्म में ज‌ितेन्द्र ने डांसिंग स्टार की भूमिका निभाई. इस फिल्म में उन पर फिल्माया गीत 'मस्त बहारों का मैं आशिक' श्रोताओं और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ.



इस फिल्म के बाद जितेन्द्र को 'जंपिंग जैक' कहा जाने लगा. 'फर्ज' की सफलता के बाद डांसिंग स्टार के रूप में जितेन्द्र की छवि बन गई. इस फिल्म के बाद निर्माता निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी डांसिंग छवि को भुनाया. निर्माताओं ने जितेन्द्र को एक ऐसे नायक के रूप में पेश किया जो नृत्य करने में सक्षम है. इन फिल्मों में 'हमजोली' और 'कारंवा' जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं. इस बीच जितेन्द्र ने 'जीने की राह', 'दो भाई' और 'धरती कहे पुकार' के जैसी फिल्मों में हल्के-फुल्के रोल कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया.



जितेंद्र को लेकर एक कहानी बड़ी मशहूर है. कहते हैं, हेमा मालिनी (Hema Malini) जिन दिनों फिल्मों में आई थीं उन दीनों हीरो जितेन्द्र को काफी शोहरत मिल चुकी थी. हर एक लड़की उनके साथ काम करने को उत्सुक रहती थी. तब जितेन्द्र ने हेमा को ज्यादा लिफ्ट नहीं दी. लेकिन जब धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी की जोड़ी को अपार सफलता मिलने लगी तब जितेन्द्र उनके पीछे आए. यहां तक शादी की बातचीत के लिए जितेन्द्र ने अपनी मां को हेमा की मां के पीछे लगा दिया. हेमा की मां जया चक्रवर्ती एक अनुभवी औरत थीं. उन्होंने ये बात हेमा पर छोड़ दी.

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मद्रास में दोनों परिवार मिले और लगभग शादी की बात तय हो जाती लेकिन जितेन्द्र ने पहले मंगनी और बाद में शादी करने का विरोध किया और कहा कि चट मंगनी पट शादी होनी चाहिए. उन्हें डर था कि कहीं मंगनी को बाद हेमा का मन ना बदल जाए. चट मंगनी पट शादी के लिए हेमा तैयार नहीं थी. तभी जितेंद्र की मंगेतर शोभा सिप्पी वहां पहुंच गई क्योंकि जितेन्द्र ने जल्दबाजी में शादी की खबर फैला दी थी. इस बात की डर से शोभा सिप्पी अपने अभिभावकों के साथ मद्रास पहुंच गईं. इसके बाद जितेन्द्र की यह कहानी यही खत्म हो गई.

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First published: April 7, 2020, 6:32 AM IST
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