कंगना रनौत की पिटीशन पर BMC ने कहा- जुर्माने के साथ खारिज हो याचिका

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्मों के लिए नहीं बल्कि रोज अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली कंगना ने एक बार फिर एक ट्वीट किया और बेबाक अंदाज में खुद को क्षत्राणी बता दिया. फोटो साभार- @kanganaranaut/Instagram
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्मों के लिए नहीं बल्कि रोज अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली कंगना ने एक बार फिर एक ट्वीट किया और बेबाक अंदाज में खुद को क्षत्राणी बता दिया. फोटो साभार- @kanganaranaut/Instagram

बीएमसी ने कंगना रनौत के मुंबई (Kangana Ranaut Mumbai Office) स्थित ऑफिस पर बुल्डोजर चला दिया. जिसे लेकर कंगना रनौत (Kangana Ranaut Petition) ने दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 19, 2020, 8:32 AM IST
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मुंबईः बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) बीते कुछ महीनों से सुर्खियों में बनी हुई हैं. पहले सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत मामले में उन्होंने बॉलीवुड पर सवाल उठाए, फिर मामले में जांच को लेकर मुंबई पुलिस और फिर महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Governent) को निशाने पर लिया. जिसके बाद कंगना रनौत और शिवसेना संग जुबानी बहस छिड़ गई. इस बहस के बीच बीएमसी ने कंगना रनौत के मुंबई (Kangana Ranaut Mumbai Office) स्थित ऑफिस पर बुल्डोजर चला दिया. जिसे लेकर कंगना रनौत (Kangana Ranaut Petition) ने दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है.

एक्ट्रेस की याचिका पर अपने हलफनामे में बीएमसी ने शुक्रवार को कहा कि यह याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने हलफनामे में अदालत से रनौत की याचिका खारिज करने और ऐसी याचिका दाखिल करने के चलते उन पर जुर्माना लगाने का अनुरोध किया. हलफनामे के मुताबिक, 'रिट याचिका और उसमें मांगी गई राहत कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करती हैं. याचिका पर विचार नहीं किया जाना चाहिए और इसे जुर्माने के साथ खारिज किया जाना चाहिए.'

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नौ सितंबर को बीएमसी ने रनौत के बंगले में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी. रनौत के उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद उसी दिन अदालत ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. इसके बाद 15 सितंबर को रनौत ने अपनी संशोधित याचिका में बीएमसी की कार्रवाई को लेकर मुआवजे के रूप में दो करोड़ रुपये की मांग की थी.
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