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kangana ranaut transfer petition dismissed in javed akhtar defamation case

Kangana-Javed Defamation Case: कंगना रनौत की याचिका फिर हुई खारिज

जावेद अख्तर के मानहानि मामले में कोर्ट ने कंगना रनौत की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया.

जावेद अख्तर के मानहानि मामले में कोर्ट ने कंगना रनौत की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया.

जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने नवंबर 2020 में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके खिलाफ कुछ आपत्तिजनक बयान दिए थे, जिससे कथित तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. जावेद की इस शिकायत की सुनवाई अंधेरी की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट कर रही है.

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एक डिटेल्ड कोर्ट ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के साथ चल रहे मानहानि शिकायत मामले को ट्रांसफर करने की अपील की थी. कंगना ने अपने आवेदन में यह आरोप लगाया था कि मामले की सुनवाई करने वाले मजिस्ट्रेट निष्पक्ष नहीं थे, लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में मजिस्ट्रेट की तरफ से ऐसी किसी भी विसंगति को मानने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस प्रकार के सबूत नहीं मिले हैं, जिनसे साबित हो कि कंगना के साथ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है.

ईटाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, जावेद अख्तर के वकील जय भारद्वाज ने बताया किकंगना रनौत ने 7 अलग-अलग मौकों पर मजिस्ट्रेट के जरिए अपनाई गई प्रक्रिया को असफल रूप से चुनौती दी है’. भारद्वाज ने कहा कि ‘कंगना ने सेशंस कोर्ट, डिंडोशी के समक्ष समन आदेश (10वें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के जरिए पारित) को चुनौती देते हुए एक रिवीजन याचिका दायर की थी. इसके बाद, पूरी कार्यवाही को खारिज करने वाली याचिका के जरिए हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई’.

कंगना ने दायर की थीं ये याचिकाएं
कंगना के वकीलों ने तब चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) कोर्ट के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 410 के तहत ट्रांसफर आवेदन दायर किया, जिसमें मामले को 10वें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट से पहले किसी दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी. भारद्वाज ने बताया कि ‘CMM के जरिए ट्रांसफर आवेदनों को खारिज करने के बाद CMM के आदेश को चुनौती देते हुए एक रिवीजन याचिका दायर की गई थी और आखिर में कंगना ने CrPC की धारा 408 के तहत डिंडोशी सेशंस कोर्ट के सामने ट्रांसफर आवेदन दायर किया’.

केवल आशंका के आधार पर नहीं किया जा सकता है विचार : कोर्ट
ईटाइम्स के मुताबिक, उनके साथ शेयर किए गए आदेश में कोर्ट ने कहा कि ‘केवल इस आशंका के आधार पर कि दिए गए मामले में न्याय नहीं किया जाएगा, अकेले पर्याप्त नहीं है’. कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा लगता है कि किसी भी अदालत के सामने निष्पक्ष और बिना किसी पक्षपात के न्याय नहीं किया जाएगा, तो मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर किया जा सकता है. लेकिन केवल आशंका के आधार पर ऐसे आवेदनों पर विचार नहीं किया जा सकता है. इसलिए निष्पक्ष सुनवाई के आश्वासनों का सम्मान किया जाना चाहिए’.

क्या है मामला
दरअसल, जावेद अख्तर ने नवंबर 2020 में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कंगना रनौत ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके खिलाफ कुछ आपत्तिजनक बयान दिए थे, जिससे कथित तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. जावेद की इस शिकायत की सुनवाई अंधेरी की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट कर रही है. ईटाइम्स के मुताबिक, भारद्वाज ने उन्हें बताया कि मुख्य मामला अब 22 मार्च को 10वीं एमएम की अदालत के समक्ष लिस्टेड है.

Tags: Javed akhtar, Kangna Ranaut

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