पढ़िए एक दिलचस्प किस्सा, जब शाहरुख खान ने जीत लिया था करण जौहर का दिल

करण ने शाहरुख की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में एक कैमियो किया था (फाइल फोटो)

बॉलीवुड में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और करण जौहर (Karan Johar) की दोस्ती एक मिसाल है. उन्होंने साथ में कई शानदार फिल्में की हैं.

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    नई दिल्लीः हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में सबसे मजबूत दोस्ती फिल्म निर्माता करण जौहर (Karan Johar) और सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की है. निर्देशक और अभिनेता दशकों से अच्छे दोस्त रहे हैं और करण ने शाहरुख को अब तक पांच फिल्मों में निर्देशित किया है. वे फिल्म हैं- 'कुछ कुछ होता है', 'कभी खुशी कभी गम', 'कभी अलविदा न कहना', 'माई नेम इज खान' और 'ऐ दिल है मुश्किल'. वास्तव में, करण ने किंग खान की अब तक की सबसे सफल फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (Dilwale Dulhania Le Jayenge) में एक कैमियो भी किया था.

    फिल्म निर्माता अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं, यहां हम बता रहे हैं कि उन्होंने अपनी आत्मकथा 'एन अनसूटेबल बॉय' (An Unsuitable Boy) में अपने करीबी दोस्त के बारे में क्या लिखा था. करण ने अपनी किताब में लिखा है, 'शाहरुख के बारे में मेरी यह धारणा थी. मुझे लगा कि यह जो युवा लड़का है, बहुत घमंडी है, लेकिन फिल्म सिटी में उनसे हुई पांच मिनट की मुलाकात में उनके बारे में मेरी राय बदल गई थी. वे बहुत जिंदादिल और बातूनी थे.'

    (फोटो साभारः Instagram/karanjohar)


    वे आगे कहते हैं, 'मुझे याद है कि मेरे पिता (दिवंगत फिल्म निर्माता यश जौहर) अपनी लाल कार से आते-जाते थे. शाहरुख कार के पास आए और उन्होंने पापा के लिए कार का दरवाजा खोला. यह दस मिनट की मीटिंग थी, लेकिन शाहरुख दो घंटे तक बिना रुके बोलते रहे! उन्होंने उन दो घंटों में मेरा दिल जीत लिया था. मैं इस बारे में बहुत संवेदनशील था कि लोग मेरे पिता के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, क्योंकि मैं जानता हूं कि वे किन मुश्किलों से गुजरे थे.

    करण ने आगे बताया कि शाहरुख ने उनसे किस तरह बात की. वे कहते हैं, 'मैंने आपके बारे में बहुत कुछ सुना है सर और एक इंसान के तौर पर आपके बारे में अद्भुत चीजें जानी हैं.' करण ने अपनी किताब में लिखा है, 'यह उनसे मेरी पहली मुलाकात थी. मुझे याद है कि मैंने वापस आकर अपने पिता को बताया था कि शाहरुख कितने अच्छे इंसान हैं. वे मेरे विचार से फिल्म के बाकी लोगों से बहुत अलग थे.