'पृथ्वीराज' का टाइटल बदलवाने और स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग पर अड़ी करणी सेना

रिलीज से पहले ही विवादों में 'पृथ्वीराज'. (फोटो साभार : Akshay Kumar/Instagram)

करणी सेना यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत कुमार सिंह ने फिल्म 'पृथ्वीराज' को लेकर कुछ कंडीशन तय किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका हाल भी फिल्म ‘पद्मावत’ की तरह ही होगा.

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    मुंबई : अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'पृथ्वीराज' (Prithviraj) की घोषणा जब से हुई है, तभी से ये फिल्म सुर्खियों में बनी हुई है. बॉलीवुड फिल्मों को लेकर अक्सर विरोध जताने वाली करणी सेना (Karni Sena) ने फिल्म के टाइटल को लेकर आपत्ति जताई थी. अक्षय की ये फिल्म राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) के जीवन पर आधारित है. करणी सेना ने अब फिल्म मेकर्स पर आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई है. आरोप है कि फिल्म राजपूत योद्धा पृथ्वीराज चौहान का तिरस्कार कर रही है. इस फिल्म की अनाउंसमेंट सितंबर 2019 में की गई थी. करणी सेना ने यश राज फिल्म्स और आदित्य चोपड़ा के नाम पर केस दर्ज करवाया है.

    करणी सेना यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत कुमार सिंह ने फिल्म को लेकर कुछ कंडीशन तय किए हैं. 1- फिल्म मेकर्स ‘पृथ्वीराज’ फिल्म का टाइटल चेंज करें.
    2- इस फिल्म को रिलीज करने से पहले राजपूत कम्यूनिटी के मुख्य लोगों को दिखाई जाए.
    3- करणी सेना के लिए फिल्म की स्पेशन स्क्रीनिंग की जाए.

    करणी सेना ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका हाल भी फिल्म ‘पद्मावत’ की तरह ही होगा. इसके लिए यशराज फिल्म्स जिम्मेदार होगा.

    इससे नाराज फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ समय तक हम मानते थे कि फिल्म इंडस्ट्री एक रेटिंग बॉडी के लिए जवाबदेह है, जिसका नाम सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) है. इस बोर्ड का काम भारत में सभी भाषाओं में बन रही फिल्मों की रेटिंग करना है और किसी भी फिल्म के उस हिस्से की एडिटिंग करने की सलाह देना है, जिसे दर्शकों के हिसाब से ठीक नहीं माना जाता है.

    इसके लिए दिशानिर्देश तय हैं. हालांकि कई बार बोर्ड की कटौती पर भी असहमति जताई जाती है. लेकिन ये भारत सरकार की अथॉरटी है और फिल्म मेकर्स को भी अगर कटौती सही नहीं लगती है तो ट्रिब्यूनल में अपील करते हैं. लेकिन अक्षय कुमार की फिल्म पृथ्वीराज को लेकर करणी सेना के हल्लाबोल के बाद तो लगता है देश में दो-दो सेंसर बोर्ड है.