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'कहने को हम सफर हैं' की एक्‍ट्रेस RJ रानी ने शुरू की मेंटल हेल्‍थ पर मुहिम, कहा- सुशांत को जज करना बंद करें

एक्‍ट्रेस और RJ रानी झा.

एक्‍ट्रेस और RJ रानी झा.

रेडियो और एक्टिंग दोनों की दुनिया को गहराई से देखने वाली एक्‍ट्रेस और RJ रानी झा (Rani Jha) ने NEWS18 हिंदी डिजिटल के स ...अधिक पढ़ें

    मुंबई. इन दिनों एकता कपूर (Ekta Kapoor) का सुपरहिट शो 'कहने को हम सफर हैं' (Kehne Ko Humsafar Hain) का तीसरा सीजन लगातार सुर्खियां बटोर रहा है. मोना स‍िंह (Mona Singh) और रोनित रॉय (Ronit Roy) के इस शो में मोना की दोस्‍त के किरदार में नजर आने वालीं एक्‍ट्रेस और RJ रानी झा (Rani Jha) भी इसी सीरियल में अपनी सधी हुई आवाज और शानदार एक्टिग के चलते काफी तारीफें पा रही हैं. बिहार को अपनी जड़ों में समेटे हुए और दिल्‍ली में ही पली-बढ़ीं रानी झा ने रेडियो और एक्टिंग दोनों की दुनिया को गहराई से देखा है. रानी ने NEWS18 हिंदी डिजिटल के साथ खास बातचीत में अपने रेडियो जॉकी बनने के सफर से लेकर शोबिज की गहराइयों और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के बाद फिल्‍मी दुनिया पर उठ रहे सवालों पर अपनी राय रखी.

    पत्रकारिता में अपनी पूरी जड़ें जमा चुकीं रानी ने अपने शौक के चलते इस पेशे को अलविदा कह, रेडिया की दुनिया की तरफ कदम रखा. हालांकि 2007 में जब रानी ने आकाशवाणी के साथ काम करना शुरू किया, तब 'रेडिया जॉकी' जैसा शब्‍द इतना चलन में नहीं था कि लोग इसे एक पेशे के तौर पर सोचना शुरू कर दें. लेकिन रानी आज रेडियो की दुनिया का बड़ा नाम हैं. रानी ने न्‍यूज18 को बताया, 'मेरे पिता इस बात से काफी खुश थे कि मैं पीटीआई में काम करती हूं और मेरा ऑफिस बड़ा शानदार है. जब मैंने उन्‍हें पहली बार बताया कि मैं ये नौकरी छोड़, रेडियो में बोलने का काम करने वाली हूं तो उन्‍होंने कहा, 'वो तो ठीक है, लेकिन काम क्‍या करोगी..' दरअसल उस समय ये बहुत मुश्किल था कि मैं उन्‍हें समझा पाती कि मैं करना चाह रही हूं. सच कहूं तो उन्‍होंने एक लंबे अर्से तक मुझसे बात ही नहीं की थी.'



    अमिताभ बच्‍चन ने न्‍योता देकर कहा था, अपने 'पा' को लेकर आना
    हालांकि पहले बरेली और फिर मुंबई में बिग एफएम के साथ जुड़ी रानी ने अपनी मेहनत से ये साबित कर दिया कि वो इसी काम के लिए बनीं हैं. रानी ने बताया, 'मेरे स्‍टूडियों में अमिताभ बच्‍चन अपनी फिल्‍म 'पा' का प्रमोशन करने आए थे. वह मुझसे इतने इंप्रैस हुए कि उन्‍होंने अपने ब्‍लॉग तक में मेरा जिक्र किया और अपनी फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग में भी मुझे न्‍योता द‍िया. उन्‍होंने कहा था कि अपने 'पा' के साथ आना. इत्तेफाक से उस समय मेरे प‍िता भी मुंबई में ही थे. मैंने उन्‍हें बताया कि फिल्‍म देखने चलेंगे, अमिताभ बच्‍चन ने बुलाया है. पर उन्‍हें व‍िश्‍वास ही नहीं हुआ कि मैं सच कह रही हूं. हालांकि इसके बाद वह मेरे काम को समझने लगे थे.

    मोना ने मेरा हर कदम पर साथ द‍िया: रानी
    रानी, इन दिनों एकता कपूर के सुपरहिट शो 'कहने को हम सफर हैं' के सीजन 3 में नजर आ रही हैं. रानी इस शो में मोना की बेस्‍टफ्रेंड वेंडी का किरदार निभाती हैं, जो मोना स‍िंह के इस पूरे सफर में उनके साथ हैं. एक्टिंग की शुरुआत पर बात करते हुए उन्‍होंने बताया, 'मुझे कई लोगों ने कहा कि तुम्‍हें एक्टिंग करनी चाहिए लेकिन मैंने इसे कभी सीरियसली नहीं लिया. लेकिन जब मुझे वेंडी के किरदार का ऑफर आया तो मैं इसे मना नहीं कर पाई. ये किरदार काफी हद तक मेरे जैसा है.' वहीं पहली बार एक्टिंग कर रहीं रानी के लिए काफी मुश्किलें भी आईं. उन्‍होंने बताया, 'सच कहूं तो लोगों को लगता है कि ये इंडस्‍ट्री काफी ग्‍लैमरस है, लेकिन असलीयत है कि ये इंडस्‍ट्री बहुत नकली है. यहां आपको दोस्‍तों से लेकर लोगों तक, सब नकली मिलेंगे. अपने अनुभव की बात करूं तो तुझे शुरू में कुछ समझ ही नहीं आ रहा था. मुझे कैमरा के एंगल, लाइट का स्‍टाइल, फोकस जैसी टेक्‍नीकल चीजें ब‍िलकुल नहीं पता थीं. मुझे चीजें सीखने में टाइम लगा जो किसी भी न्‍यूकमर को लगता है. कुछ लोग थे टीम में जो मुझे ये टाइम देना नहीं चाहते थे, उन्‍होंने शुरुआत में ही मुझे जज करना शुरू कर दिया. मैं सच कहूं आपसे तो मैं सेट पर रो तक गई और ये सब छोड़ने का सोचने लगी. लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जिन्‍होंने बहुत साथ दिया और उनमें से एक नाम हैं मोना स‍िंह, जिनके साथ मेरे ज्‍यादातर सीन थे. उन्‍होंने मेरे साथ बहुत मेहनत की और मेरी बहुत मदद की. वो मेहनत की कदर करती हैं.'



    सुशांत स‍िंह राजपूत की मौत के बाद से ही आरजे रानी अपने शो के जरिए मेंटल-हेल्‍थ को लेकर लगातार बात कर रही हैं. सुशांत के जाने के बाद से बॉलीवुड में 'लॉबी', नेपोटिज्‍म जैसी चीजों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं कई लोग सुशांत के डिप्रेशन जैसी चीजों पर बात कर रहे हैं. इस पर बात करते हुए रानी ने कहा, 'मैं सुशांत से उनकी फिल्‍मों के प्रमोशन के दौरान कई बार मिली हूं. ऐसे में जो लोग उन्‍हें लेकर अपना जजमेंट दे रहे हैं कि उन्‍होंने ऐसा इसलिए किया क्‍योंकि फिल्‍में नहीं चलीं, या ऐसा हुआ या वैसा हुआ.. जो भी अपना जजमेंट पास कर रहे हैं उनमें से एक भी शख्‍स को नहीं पता कि असल में उसके साथ क्‍या हुआ. मैं अपनी बात करूं तो मैं उनसे ज‍ितनी बार म‍िली हूं, वो बहुत गहरे इंसान थे. वो बहुत पढ़े-ल‍िखे, वह फिटनेस-योगा में थे, लोगों में सकारात्‍मकता फैलाने पर जोर देते थे. मैंने उनके नजदीकी लोगों से बात की है, उनको भी नहीं पता कि क्‍या हुआ. ऐसे में जो लोग उन्‍हें जानते भी नहीं, वो तय कर रहे हैं कि सुशांत ने ऐसा क्‍यों किया. मुझे लगता है कि इस मामले पर अब बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि अब मेंटल हेल्‍थ पर बात करनी चाहिए.'

    Tags: Depression, Mental Health Awareness, Mona Singh, Sushant singh Rajput

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