रानू मंडल के परिवार ने छीना उनका असली नाम, इस वजह से बेटी ने भी छोड़ा था साथ!

रेलवे स्टेशन पर गाना गाने वाली रानू मंडल (Ranu Mondal) को जबसे हिमेश रेशमिया (Himesh Reshammiya) ने गाने का मौका दिया है, तब से उनकी चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है. उनके वायरल वीडियो तो आपने बहुत देखें होंगे, लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें नहीं जानते होंगे आप.

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 9:40 AM IST
रानू मंडल के परिवार ने छीना उनका असली नाम, इस वजह से बेटी ने भी छोड़ा था साथ!
रानू मंडल स्टार बन गई हैं.
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Updated: August 29, 2019, 9:40 AM IST
कहते हैं कि टैलेंट और लगन हो, तो किस्मत भी कभी ना कभी साथ दे ही देती है. कुछ ऐसा ही हुआ इंटरनेट सेंसेशन रानू मंडल (Ranu Mondal) के साथ, वो एक लाचार महिला थीं जिनकी ताकत उनकी आवाज बनी. रानू का रेलवे प्लेटफॉर्म वाला वीडियो लगभग हर किसी ने देखा होगा. जिसमें वह अपनी मोहक आवाज में लता मंगेशकर (Lata Mageshkar Songs) का गाना 'एक प्यार का नगमा' है गाती हुई नजर आ रही हैं. इसके बाद से आलम ये है कि हर कोई रानू के बारे में जानना चाहता है. अब कहा जा रहा है कि उनका असली नाम कुछ और है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं रानू के बारे में कुछ ऐसी बातें जो शायद ही कोई जानता हो...

अलग-अलग नाम से पहचान
जादुई आवाज वाली रानू मंडल पश्चिम बंगाल के रानाघाट की रहने वाली हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स तो यहां तक दावा कर रही हैं कि रानू का असली नाम रेनू रे (Renu Ray) है, वहीं कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि रानू मंडल (Ranu Mondal) पहले एक क्लब में गाना गाया करती थीं, तब उन्हें लोग रानू बॉबी के नाम से जानते थे.




 

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Ranu mandal Himesh studio live #kismathvitenge


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रानू की शादी बबलू मंडल नाम के एक शख्स से हुई थी. तभी से वह रानू मंडल हो गईं. शादी के बाद रानू मुंबई शिफ्ट हो गई थीं. रानू की जिंदगी ठीक ही चल रही थी, लेकिन जब उनके पति की मृत्यु हुई तो अचानक से रानू की जिंदगी में भूचाल आ गया.



लौट गईं घर ऐसे थे हालात
पति के निधन के बाद रानू अपने गांव रानाघाट वापस आ गईं और यहां आकर उनकी हालत और खराब हो गई. रानू ने तय किया कि वो अपनी जीवनी के लिए अपनी आवाज को ताकत बनाएंगी.

गरीबी की हालत में भीख मांगकर गुजारे दिन


गरीबी का आलम ये था कि रानू को रेलेव स्टेशन पर कोने में बैठ कर भीख मांगनी पड़ती थी. वो गाना गातीं और रास्ते से गुजरते लोग उनकी आवाज सुनकर उन्हें कुछ पैसे या खाने की चीजें दे जाया करते.

बेटी को पसंद नहीं था भीख मांगना


छोड़ गई बेटी
रानू की एक बेटी भी है. इस बेटी ने रानू का साथ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उसे अपनी मां का रेलवे स्टेशन पर भीख मांगना पसंद नहीं था. रानू ने लगभग 10 साल ऐसे ही गरीबी के हालत में गुजारे और इन सालों में बेटी, रानू के साथ नहीं थीं. जब रानू एक वीडियो के साथ सोशल मीडिया सेंसेशन बन गईं तो 10 सालों बाद उनकी बेटी भी वापस लौट आईं.

20 साल की उम्र से गाती हैं रानू


जब 20 साल की थीं रानू
एक मीडिया रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि जब रानू 20 साल की थीं तो एक क्लब में गाना गाया करती थीं. तब उन्हें लोग रानू बॉबी के नाम से जानते थे. उन्होंने गाना सिर्फ इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि परिवार को रानू का ये काम कतई पसंद नहीं था.

ऐसे बदली रानू मंडल की किस्मत


फिर एक दिन
वहीं रानू ने कई सालों तक रेलवे स्टेशन के एक कोने में बैठकर गाना गाया और भीख मांगी. एक दिन अतींद्र चक्रवर्ती नाम के एक सॉफ्टवेर इंजीनियर की वजह से रानू की किस्मत पलट गई. अतींद्र ने रानू को लता मंगेशकर का गाना 'एक प्यार का नगमा है'. गाते हुए देखा और उनका वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था. इसके बाद की कहानी तो सभी को पता है. रानू इसी वीडियो के बाद इंटरनेट सनसनी बन गईं. उनका ये वीडियो रातों-रात ऐसा वायरल हुआ कि आज रानू बॉलीवुड सिंगर के तौर पर पहचान बना चुकी हैं.

रानू अब तो हिमेश रेशमिया की फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' के गाने 'तेरी मेरी कहानी' से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगर के तौर पर डेब्यू कर चुकी हैं. चारों तरफ बस रानू ही रानू छाई हुई हैं. ऐसा हो भी क्यों ना.. कम ही लोगों में होता है ऐसा हैरान कर देने वाला टैलेंट.

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First published: August 28, 2019, 11:55 AM IST
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