EXCLUSIVE INTERVIEW: दिलजीत दोसांझ की 'जासूसी' करना चाहते हैं मनोज बाजपेयी


भीकू म्हात्रे से लेकर मधु मंगल राणे तक, बॉलीवुड में मनोज बाजपेयी का सफर बढ़िया रहा.

भीकू म्हात्रे से लेकर मधु मंगल राणे तक, बॉलीवुड में मनोज बाजपेयी का सफर बढ़िया रहा.

मनोज बाजपेयी ने News18 के साथ खास बातचीत में कहा कि वह दिलजीत दोसांझ की 'जासूसी' करना चाहते हैं, क्योंकि वो एक ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने अपने म्यूजिक और अपनी स्क्रीन प्रस्तुति से हमेशा दर्शकों को मोहित किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 8:15 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. जब सूरज की लव लाइफ में मंगल बनेगा रोड ब्लॉक, तो फुल ऑन एंटरटेनमेंट होगा नॉनस्टॉप! तो देखने के लिए तैयार हो जाइए ‘सूरज पे मंगल भारी (Suraj pe mangal bhari)’ का प्रीमियर, एंड पिक्चर्स पर 18 अप्रैल को दोपहर 12 बजे. इस फिल्म में मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpai) (मंगल) मधु मंगल राणे नाम के एक बेहद शक्की डिटेक्टिव बने हैं, जो होने वाले दूल्हों की बुरी आदतों को बेनकाब करने के लिए अलग-अलग लुक्स अपनाते हैं.

यह कहानी तब शुरू होती है जब मधु गलती से विवाह योग्य सूरज यादव (दिलजीत दोसांझ) की छवि खराब कर देता है. इसके बाद मंगल को सूरज के रूप में टक्कर का जोड़ मिलता है, जो उसे सबक सिखाने की कसम खाता है. फिर शुरू होता है एक दूसरे की चालों को नाकाम करने का अजब गजब सिलसिला! इस मामले में मनोज बाजपेयी ने News18 के साथ खास बातचीत में कहा कि वह दिलजीत दोसांझ की 'जासूसी' करना चाहते हैं, क्योंकि वो एक ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने अपने म्यूजिक और अपनी स्क्रीन प्रस्तुति से हमेशा दर्शकों को मोहित किया है, लेकिन वो बहुत कम बोलते हैं.

भीकू म्हात्रे से लेकर मधु मंगल राणे तक, बॉलीवुड में आपका अब तक का सफर कैसा रहा?

-बॉलीवुड में मेरा सफर बढ़िया रहा है. जब मैं भीकू म्हात्रे को देखता हूं तो वो बॉलीवुड का वो समय था, जब फिल्मकार किरदारों और कहानियों के साथ प्रयोग कर रहे थे. इनमें से कुछ किरदार मशहूर हो गए. भीकू से मधु मंगल राणे तक, मैं एक चीज यकीन से कह सकता हूं कि मैंने इस प्रक्रिया में बहुत कुछ सीखा है. अब अपने किरदार मधु मंगल राणे के साथ मुझे स्थितियों से पैदा हुई कॉमेडी में काम करने का मौका मिला और मैंने इसका बहुत मजा लिया. कुल मिलाकर, यह सफर बहुत बढ़िया रहा और यह इससे बेहतर नहीं हो सकता था.
क्या अपने किरदार मधु मंगल राणे की तरह आपने भी कभी किसी बात को सुलझाने के लिए जासूसी का हुनर इस्तेमाल किया है?

-मैं मानता हूं कि हम सब में जासूसी करने का हुनर होता है, जो हमें अलग-अलग स्थितियों में झांकने का मौका देता है. इस किरदार की तरह मैंने कभी रिश्ते तो नहीं तोड़े, लेकिन कई अवसरों पर मैंने किसी समस्या को सुलझाने या कंफ्यूजन दूर करने के लिए इस हुनर का इस्तेमाल जरूर किया है.

हमने आपको ‘बसंती आज’ गाने पर झूमते हुए देखा, जो एक फास्ट पेस्ड डांस नंबर है. प्रोस्थेटिक मेकअप के साथ एक बिल्कुल नए गेट अप में डांस करना कितना मुश्किल था?



-मैं हमेशा से ही इस तरह के डांस नंबर्स में हाथ आजमाना चाहता था, लेकिन यह बहुत मुश्किल काम था, हालांकि प्रोस्थेटिक्स पहनकर डांस करना कठिन था, लेकिन जब सभी ने यह गाना पसंद किया, तो मेरी तमाम मेहनत रंग लाई. मुझे हर सिचुएशन को अपनाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा. यह सब आगे बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जो मुझे एक पेशेवर के रूप में विकसित होने में मदद करती है.

यदि आप मधु मंगल राणे जैसे किसी शख्स को जानते, तो आप उससे किसकी जासूसी कराना चाहते?

-वास्तव में मैं दिलजीत दोसांझ की जासूसी कराना चाहूंगा. वो ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने अपने म्यूजिक और अपनी स्क्रीन प्रस्तुति से हमेशा दर्शकों को मोहित किया है, लेकिन वो बहुत कम बोलते हैं. उनके साथ काम करना बहुत बढ़िया अनुभव रहा. वो बहुत जोशीले और टैलेंटेड एक्टर हैं. मैं यह कहूंगा कि उनमें विरोधाभास भी है और उनके बारे में और जानना बढ़िया रहेगा.

इस फिल्म में लोगों ने आपकी कॉमिक टाइमिंग को बहुत पसंद किया है. तो क्या आप भविष्य में भी इस जॉनर को और एक्सप्लोर करना चाहेंगे?

-मैं हर तरह किरदारों और कहानियों में हाथ आजमाना चाहूंगा. कॉमेडी कुछ ऐसा है, जिसे देखने और इसका हिस्सा बनने में मुझे भी मजा आता है. इस फिल्म के साथ मैंने यह जाना है कि हमें हर चीज के साथ प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि आपको नहीं पता कि दर्शकों को क्या पसंद आ जाए!

तो क्या सूरज के उज्जवल भविष्य पर लगेगा मंगल का ग्रहण? जानने के लिए देखिए ‘सूरज पे मंगल भारी’ का प्रीमियर, 18 अप्रैल को दोपहर 12 बजे, एंड पिक्चर्स पर.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज