जयललिता की फिल्मों से लेकर राजनीति तक में एमजीआर का था असर, 'थलाइवी' को बना दिया था राज्यसभा सदस्य

दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता (फाइल फोटो)

दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता (फाइल फोटो)

जयललिता (J. Jayalalithaa) के साथ-साथ कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के फैंस में 'थलाइवी' (Thalaivi) को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है. इसके ट्रेलर में जया और एमजीआर (MGR) के रिश्ते की झलक देखने को मिली है. एमजीआर तीन शादियां कर चुके थे, इसलिए वह जया से शादी नहीं कर पाए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 8:28 PM IST
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नई दिल्लीः फिल्म 'थलाइवी' (Thalaivi) का ट्रेलर रिलीज हो गया है. यह फिल्म तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता (J. Jayalalithaa) की बायोपिक है जिसमें धाकड़ एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने लीड रोल निभाया है. यह बात किसी से छिपी नहीं थी कि जया की जिंदगी पर एमजीआर का क्या प्रभाव था. यही चीज हमें फिल्म के ट्रेलर में भी देखने को मिली है. ट्रेलर में जयललिता के तमिल सुपरस्टार और पूर्व सीएम एमजी रामचंद्रन (M. G. Ramachandran) के साथ रिश्ते को भी भरपूर जगह मिली है. फिल्म में एमजीआर की भूमिका साउथ एक्टर अरविंद स्वामी (Arvind Swamy) निभा रहे हैं. जे. जयललिता की फिल्मों से लेकर राजनीति तक में एमजीआर का गहरा असर था.

जयललिता ने 1965 से लेकर 1973 तक करीब 28 फिल्मों में एमजीआर के साथ काम किया था. जयललिता पहली बार फिल्म ‘आइराथिल ओरुवन’ में एमजीआर के साथ नजर आई थीं. यह फिल्म 1965 में आई थी. जयललिता को राजनीति में लाने में भी एमजीआर की अहम भूमिका रही थी. जयललिता को अपनी दूसरी ही फिल्म में एमजी रामचंद्रन के साथ काम करने का मौका मिला था. शूटिंग के दौरान ही वे पहली बार मिले थे.

(फाइल फोटो)


जयललिता की जीवनी 'अम्मा जर्नी फ्रॉम मूवी स्टार टू पॉलिटिकल क्वीन' लिखने वाली वासंती के मुताबिक, एमजीआर का जयललिता के प्रति शुरू से ही सॉफ्ट कार्नर था. हालांकि, उन दोनों की शादी नहीं हो पाई क्योंकि रामचंद्रन पहले ही तीन शादियां कर चुके थे. एक इंटरव्यू में वासंती ने बताया था, 'एमजीआर शुरू से ही जया से आकर्षित थे. जयललिता बहुत अच्छी इंग्लिश बोलती थीं. शूटिंग के समय वो एक कोने में बैठकर इंग्लिश नॉवल पढ़ा करती थीं और किसी से कोई बातचीत नहीं करती थीं. जया देखने में गोरी और बहुत सुंदर थीं. आमतौर पर तमिलनाडु में इतनी गोरी लड़कियां नहीं दिखाई देती हैं.'
(फाइल फोटो)


जयललिता ने खुद कुमुदन पत्रिका में लिखा था, 'कार पार्किंग थोड़ी दूर पर थी. पैरों में कोई चप्पल और जूते नहीं थे. मेरे पैर लाल हो गए थे. मैं कुछ कह नहीं पा रही थी. एमजीआर मेरी परेशानी को समझ गए और उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.' एमजीआर ने जयललिता को पार्टी का प्रोपेगेंडा सेक्रेटरी के साथ-साथ राज्यसभा का सदस्य भी बनाया. हालांकि, पार्टी में जयललिता का विरोध हुआ और एमजीआर को उन्हें इस पोस्ट से हटाना पड़ा.
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