अक्षय कुमार की फिल्म का नाम सिर्फ 'लक्ष्मी' रखे जाने पर मुकेश खन्ना ने कहा- 'बम को डिफ्यूज कर दिया'

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मुकेश खन्ना का इंस्टा पोस्ट.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मुकेश खन्ना का इंस्टा पोस्ट.

फिल्म 'लक्ष्मी (Laxmmi)' का नाम पहले 'लक्ष्मी बॉम्ब' रखा गया था, लेकिन फिल्म के नाम से हुए विवाद के बाद फिल्म के मेकर्स ने इसका नाम बदल कर सिर्फ 'लक्ष्मी' रख दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 4:04 PM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'लक्ष्मी (Laxmmi)' का नाम पहले 'लक्ष्मी बॉम्ब' रखा गया था, लेकिन फिल्म के नाम से हुए विवाद के बाद फिल्म के मेकर्स ने इसका नाम बदल कर सिर्फ 'लक्ष्मी' रख दिया. इससे पहले दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए 'लक्ष्मी बॉम्ब' को डिफ्यूज करने की बात की थी और जब इस फिल्म का नाम बदल दिया गया है, तो ऐसे में मुकेश खन्ना ने फिर से एक पोस्ट करते हुए लिखा है कि बम को डिफ्यूज कर दिया है.

वायरल हो रहा है मुकेश खन्ना का ये पोस्ट
अपने इस इंस्टा पोस्ट में मुकेश ने कहा, 'ये मेरे लिए और देश के सभी जागरूक देशवासियों के लिए खुशी की बात है कि इस फिल्म का टाइटल बदल कर सिर्फ लक्ष्मी कर दिया गया है. बम को डिफ्यूज कर दिया है, पर इससे भी बढ़ कर खुशी की बात ये है कि इतिहास में ये एक उदाहरण बन जाएगा. आगे कोई प्रोड्यूसर इस तरह से हमारे देवी देवताओं का अपमान करने की धृष्टता करने की हिम्मत नहीं करेगा.' अब सोशल मीडिया पर मुकेश खन्ना का ये पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है.
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ये मेरे लिए और देश के सभी जागरूक देशवासियों के लिए ख़ुशी की बात है कि इस फ़िल्म का टाइटल बदल कर सिर्फ़ लक्ष्मी कर दिया गया है।बम को डिफ़्यूज़ कर दिया है।पर इससे भी बढ़ कर ख़ुशी की बात ये है कि इतिहास में ये एक उदाहरण बन जाएगा।आगे कोई प्रडूसर इस तरह से हमारे देवी देवताओं का अपमान करने की धृष्टता करने की हिम्मत नहीं करेगा।

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इससे पहले उन्होंने अपने इंस्टा पोस्ट में लिखा था, 'ये दशहरा फिल्मी लोग इसलिए करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि इसमें शोर मचेगा. लोग चिल्लाएंगे, फिर चुप हो जाएंगे, लेकिन लगे हाथों फिल्म का प्रमोशन हो जाएगा. फिल्म तो रिलीज होनी ही चाहिए. लोग टूट पड़ेंगे फर्स्ट डे थियेटर पर देखने के लिए कि क्या है इस फिल्म में? क्या है फिल्म के टाइटल का मतलब? ये होता आया है... होता रहेगा... इसे रोकना पड़ेगा! और ये जनता जनार्दन ये पब्लिक ही कर सकते हैं. एक बात तो साफ है. इन कॉमर्शियल लोगों में हिंदुओं का डर या खौफ रत्ती भर नहीं है. वो उन्हें सहिष्णु मानते हैं. सॉफ्ट टारगेट समझते हैं. उन्हें पता है कि किसी और धर्म या संप्रदाय से ये पंगा लेंगे तो तलवारें निकल आएंगी. इसलिए उनको लेकर फिल्म के टाइटल नहीं बनते.'
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