मेरी फिल्म ‘बहत्तर हूरें’ का नेशनल अवॉर्ड जीतना एक अद्भुत खुशी है: नम्रता दीक्षित

'बहत्तर हूरें' की एक्ट्रेस नम्रता दीक्षित. (फोटो साभार :namratadixitofficial/Instagram)

'बहत्तर हूरें' की एक्ट्रेस नम्रता दीक्षित. (फोटो साभार :namratadixitofficial/Instagram)

नम्रता दीक्षित (Namrata Dixit) की फिल्म ‘बहत्तर हूरें’ (Bahattar Hoorein) की एक्ट्रेस को जब पता चला कि उनकी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड (National Award) मिला है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अपनी शानदार एक्टिंग से उन्होंने लखनऊ शहर का नाम रौशन कर दिया.

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मुंबई. अदब और नजाकत के शहर लखनऊ की रहने वाली एक्ट्रेस नम्रता दीक्षित (Namrata Dixit) ने अपनी कामयाबी का डंका बजाते हुए अपने शहर का नाम रौशन कर दिया है. नम्रता की फिल्म ‘बहत्तर हूरें’ (Bahattar Hoorein) को नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर संजय पूरन सिंह चौहान ने निर्देशित किया है. इस फिल्म को बेस्ट डायरेक्शन के लिए अवॉर्ड मिला था. नम्रता इस फिल्म की मेन कैरेक्टर में से एक हैं. इस फिल्म की कामयाबी पर नम्रता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

टाइम्स से बात करते हुए नम्रता दीक्षित ने बताया कि ‘मैं पार्क में दौड़ रही थी. जब मुझे संजय सर का कॉल आया. उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला है. मैं इतनी खुश हो गई कि मेरी आंखों में आंसू आ गए. मैंने तुरंत अपने मम्मी-पापा को कॉल किया और उन्हें यह खुशखबरी दी. यह वाकई बेहद भावुक कर देने वाला पल था. मेरा स्ट्रगल, मेरी कोशिश, मेहनत सब कुछ मेरी आंखों के सामने घूमने लगा था. मेरी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिलना अद्भुत खुशी थी. इसके साथ ही मुझे महसूस हुआ कि अब मुझे वो जगह मिल गई है, जहां मैं हमेशा से पहुंचना चाहती थी’.

(फोटो साभार :namratadixitofficial/Instagram)

नम्रता इस फिल्म में कास्ट किए जाने के बारे में बताती हैं कि ‘मैं थियेटर के साथ फिल्मों के लिए ऑडिशन भी दे रही थी. ऑडिशन के लिए मुझे बुलावा आया. मुझे स्क्रिप्ट दी गई और पहले राउंड के बाद दूसरे राउंड के लिए बुलाया गया. इसके बाद मुझे रोल के लिए चुन लिया गया’. नम्रता बताती हैं कि मैं ऑडिशन ही देती हूं क्योंकि मैं नेटवर्किंग में बहुत खराब हूं. इसके अलावा बड़ी एजेंसी न्यूकमर को एंटरटेन नहीं करती. आपका कोई सपोर्ट या कोई रेफरेंस नहीं हो तो बहुत मुश्किल हो जाती है.

(फोटो साभार :namratadixitofficial/Instagram)

बता दें कि ‘बहत्तर हूरें’ (Bahattar Hoorein) फिल्म की कहानी इस्लामिक कट्टरपंथियों की तरफ से फैलाए गए एक अंधविश्वास पर आधारित है. जिसमें जिहाद करने पर मौत के बाद 72 हूरें मिलने की बात बताई जाती है’.

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