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सुशांत के स्टॉफ दीपेश सावंत को गैर कानूनी हिरासत में नहीं लिया गया था: एनसीबी

एनसीबी ने सुशांत सिंह राजपूत के स्टॉफ दीपेश सावंत को अवैध रूप से हिरासत में लेने से इनकार किया है.
एनसीबी ने सुशांत सिंह राजपूत के स्टॉफ दीपेश सावंत को अवैध रूप से हिरासत में लेने से इनकार किया है.

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के समक्ष इस बात से इनकार किया कि दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के स्टॉफ दीपेश सावंत (Deepesh Sawant) को ड्रग्स मामले में अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 11:15 PM IST
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मुंबई. नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के समक्ष इस बात से इनकार किया कि दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के स्टॉफ दीपेश सावंत (Deepesh Sawant) को ड्रग्स मामले में अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था.

एनसीबी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की एक पीठ को बताया कि उचित प्रक्रिया के बाद 5 सितम्बर को सावंत को गिरफ्तार किया गया था और उसकी गिरफ्तारी को लेकर कुछ भी गैर कानूनी नहीं था. एएसजी सिंह इस साल अक्टूबर में सावंत द्वारा दायर एक याचिका पर जवाब दे रहे थे. याचिका में सावंत ने दावा किया है कि एनसीबी ने उसे अवैध रूप से गिरफ्तार किया और उसने 10 लाख रुपए का हर्जाना मांगा है.

सावंत के वकील अमीर कोराडिया ने सोमवार को पीठ को बताया कि एनसीबी के दावे के विपरीत, सावंत को 4 सितंबर को शहर में उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था. सिंह ने हालांकि अदालत से कहा कि यह सच नहीं है. एनसीबी ने कहा कि सावंत के आरोप सच नहीं हैं, इसलिए किसी जांच की जरूरत नहीं है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 4 दिसम्बर तय की है.




इससे पहले एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अक्टूबर में बांबे हाईकोर्ट (Bombay High Court) को बताया था कि उसने मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया में लीक नहीं की थी. मामले में मीडिया ट्रायल के बारे में जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अदालत ने टिप्पणी की थी कि मीडिया का ध्रुवीकरण हो गया है और यह उसे नियंत्रित करने का नहीं, बल्कि उसके काम में संतुलन कायम करने का सवाल है.

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा था कि जून में एक्टर की आत्महत्या से संबंधित मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय और नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) ने भी कोई सूचना लीक नहीं की थी. उन्होंने कहा कि सभी तीनों एजेंसियों ने अदालत में हलफनामे दायर किए थे, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने जांच-संबंधी किसी भी जानकारी को लीक नहीं किया है.
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