'तांडव' के बाद विवादों में ‘बॉम्बे बेगम’, NCPCR ने 24 घंटे में स्ट्रीमिंग रोकने को कहा

पूजा भट्ट (फोटो साभार: @Pooja)

पूजा भट्ट (फोटो साभार: @Pooja)

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए सबसे उच्च निकाय है. एनसीपीसीआर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को 24 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

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  • Last Updated: March 12, 2021, 12:56 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड (Bollywood) के बाद अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सरकार ने कड़ी नजर है. हाल ही में अमेजॉन प्राइम (Amazon Prime) पर रिलीज हुई तांडव (Tandav Web Series) को लेकर हुए बवाल के बाद 8 मार्च को नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हुई ‘बॉम्बे बेगम’ (Bombay Begum) पर कुछ सीन्स पर और उसके कॉन्टेंट को लेकर  बाल आयोग ने आपत्ति जताते हुए नोटिस दिया. अब इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (National Commission for Protection of Child Rights) ने इस वेब सीरीज की स्ट्रीमिंग को रोकने की मांग के साथ नेटफ्लिक्स से 24 घंटे में रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ((National Commission for Protection of Child Rights) ) यानी NCPCR बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए सबसे उच्च निकाय है. एनसीपीसीआर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) को 24 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा है. आयोग का कहना है कि ऐसा नहीं करने पर वह उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.

दरअसल, ने आयोग ने एक शिकायत के आधार पर नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दइसमें 13 साल की बच्ची को ड्रग्स लेते दिखाया गया है. सीरीज में नाबालिगों का कैजुअल सेक्स करते दिखाया गया है. इसके साथ ही स्कूली बच्चों का जिस तरह चित्रण किया गया है उस पर भी आपत्ति जताई है. शिकायत में कथित अनुचित चित्रण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार के कंटेंट से न केवल युवा लोगों के दिमाग पर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि इससे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण भी हो सकता है.

डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की वेब सीरीज 'बॉम्बे बेगम' में पांच अलग महिलाओं की कहानी दिखाई गई है. सीरीज में पूजा भट्ट के अलावा सुहाना गोस्वामी, अमृता सुभाष, प्लाबिता बोर-ठाकुर, आध्या आनंद महत्वपूर्ण भूमिका में हैं.
आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि नेटफ्लिक्स को बच्चों के संबंध में या बच्चों के लिए किसी भी सामग्री को स्ट्रीम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. आयोग ने आदेश दिया है तुरंत इस सीरीज की स्ट्रीमिंग रोक दी जाए और 24 घंटों के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो आयोग को सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 14 के प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई करेगा.
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