नीना गुप्ता को याद आई पति संग पहली मुलाकात, बोलीं- 'हम प्लेन में थे, वह मेरे बगल में आकर बैठे और...'

नीना गुप्ता को याद आई पति संग पहली मुलाकात, बोलीं- 'हम प्लेन में थे, वह मेरे बगल में आकर बैठे और...'
नीना गुप्ता ने पति विवेक मेहरा संग पहली मुलाकात पर की बात.

हाल ही में नीना गुप्ता (Neena Gupta) नेहा धूपिया (Neha Dhupia) के टॉक शो 'नो फिल्टर नेहा' (No Filter Neha) में पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी और विवेक मेहरा (Vivek Mehra) की पहली मुलाकात से लेकर दोनों की बॉन्डिंग तक पर बात की.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 11:06 AM IST
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मुंबईः बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता (Neena Gupta) आज-कल अपनी डिजाइनर बेटी मसाबा (Masaba Gupta) के साथ आई फिल्म 'मसाबा-मसाबा' को लेकर चर्चा में हैं. जो कि उनकी और उनकी बेटी की लाइफ पर बेस्ड है. नीना गुप्ता अक्सर ही अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात करती दिखाई देती हैं. लेकिन, नीना गुप्ता ने पहली बार अपनी और पति विवेक मेहरा (Vivek Mehra) को लेकर बात की है. हाल ही में एक्ट्रेस नेहा धूपिया (Neha Dhupia) के टॉक शो 'नो फिल्टर नेहा' (No Filter Neha) में पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी और विवेक मेहरा की पहली मुलाकात से लेकर दोनों की बॉन्डिंग तक पर बात की.

नेहा धूपिया के चैट शो में उनसे बात करते हुए नीना गुप्ता ने अपनी और विवेक मेहरा की पहली मुलाकात (Neena Gupta First Meeting With Husband) के बारे में याद करते हुए बताया- 'हम दोनों की पहली मुलाकात प्लेन में हुई थी. वह लंदन से आ रहे थे और मैं भी लंदन से मुंबई लौट रही थी. वह दिल्ली के रहने वाले हैं, लेकिन मुंबई किसी काम से आ रहे थे और यही कारण है कि मैं भाग्य और किस्मत पर बहुत भरोसा करती हूं. मैं बिजनेस क्लास में थी और वह भी वहीं-कहीं थे. लेकिन, एक औरत अपनी सीट चेंज करना चाहती थी. उन्होंने अपनी सीट उस औरत को दे दी और आकर मेरे बगल में बैठ गए.'

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नीना आगे कहती हैं- 'वह हमेशा मुझे कहते रहते हैं कि तुम ही वह हो, तुम ही वह हो. तुमने ही मुझे फंसाया है. अब मैं लड़ती नही हूं उसके बारे में. पहले मैं लड़ती थी. कहती थी- नहीं मैंने कहां फंसाया? तुमने ऐसा किया. अब मैं लड़ती नहीं हूं, बल्कि कह देती हूं. हां फंसाया. तुम दुखी हो मेरे साथ तो जाओ और सुखी हो तो रहो.' नीना ने इसके साथ ये भी बताया कि कैसे उनके विवेक मेहरा के आने से उनकी पूरी जिंदगी बदल गई.



नीना के मुताबिक, क्योंकि उनके पति अक्सर कॉन्फ्रेंस कॉल्स में व्यस्त होते हैं, इसलिए उनसे बात करने के लिए उन्होंने साइन लैंग्वेज भी सीख ली. उन्हें एडजस्टमेंट में थोड़ा समय लगा, लेकिन वह जैसे थे मैंने उन्हें रहने दिया. हालांकि, उन्हें मुझे छूट देने में दिक्कत होती थी, लेकिन उनके पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था. किसी भी मामले में मेरे जीवन में इंटरफेयर करने के लिए उनके पास समय नहीं था. हां लेकिन, जब भी उन्हें समय मिलता था, तब उन्होंने हस्तक्षेप किया. यह बहुत दिलचस्प था.
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