पूजा भट्ट ने हफ्तों बाद Bombay Begums विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- यह सब कोई नई बात नहीं है

बॉम्बे बेगम (पोस्टर)

बॉम्बे बेगम (पोस्टर)

नेटफ्लिक्स सीरीज 'बॉम्बे बेगम' (Bombay Begums) अपने एक सीन के चलते विवादों में हैं, जिसमें एक बच्चे को दिखाया गया है. 'राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग' (NCPCR) ने इस पर आपत्ति जताई है. अब एक्ट्रेस पूजा भट्ट (Pooja Bhatt) ने इस विवाद पर अपनी बात खुलकर रखी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 12:09 AM IST
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ई दिल्लीः पूजा भट्ट (Pooja Bhatt) ने 'राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग' (NCPCR) की शिकायतों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. आयोग ने उनकी नेटफ्लिक्स (Netflix) सीरीज 'बॉम्बे बेगम' (Bombay Begums) के एक सीन को लेकर आपत्ति जताई थी. हाल में एक इंटरव्यू में पूजा ने कहा कि यह सीरीज एक काल्पनिक कथा है. उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सब कोई नहीं बात नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने पिता और निर्देशक महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) को अपने करियर की शुरुआत में विवादों का सामने करते हुए देखा था.

पूजा ने याद दिलाया कि कैसे फिल्म 'मंजिलें और भी हैं' (Manzilein Aur Bhi Hain) और 'जख्म' (Zakhm) को अपनी रिलीज से पहले विरोध का सामना करना पड़ा था. वे आगे बताती हैं कि लोगों की अपनी समझ और दुनिया को देखने का अपना नजरिया होता है. 'बॉम्बे बेगम' के बारे में कहते हुए पूजा भट्ट ने इंडिया टुडे को बताया, 'यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसमें 5 अलग-अलग पीढ़ी की महिलाओं की कहानियों को दिखाया गया है. ये 13 साल की बच्ची से शुरू होती है और 49 साल की महिला तक जाती है. मैं उसे अपनी जीत की तरह नहीं देखती, बल्कि एक ट्राइब की जीत के तौर पर देखती हूं.'

पूजा भट्ट





सीरीज को दर्शकों ने सराहा है, जिसे याद कर एक्ट्रेस कहती हैं, 'मैं अपनी सीरीज को मिले रिस्पॉन्स से बहुत खुश हूं. मुझे अमृतसर से, नीदरलैंड के नैरोबी से मैसेज आ रहे हैं. लोग ऐसी जगह से मैसेज कर रहे हैं, जहां आमतौर पर इंडियन शोज को नहीं देखा जाता है. ऐसे में आयोग के साथ बैठकर चर्चा करना चाहती हूं और उन्हें बताना है कि शो में शाई का रोल असल में एक परेशान टीनएजर का था.'

पूजा अपनी पुरानी फिल्म 'रोग' को लेकर हुए विरोध को याद कर अपनी बात समझाने की कोशिश करती हैं. वह कहती हैं, 'मैंने 'रोग' फिल्म बनाई थी. इसके लिए मैंने सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लिया, बीएमसी से बात की और पोस्टर लगाए. इसके बावजूद किसी ने मुझ पर अश्लीलता का आरोप लगाया. मैंने ये केस 10 साल तक लड़ा था, जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि अश्लीलता आखिर क्या है, एक इंसान के लिए रोमांस दूसरे के लिए अश्लीलता हो सकती है, तो फिर हम लाइन कहां खीचेंगे.'
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