आपस में भिड़े प्रोड्यूसर्स-एग्जिबिटर्स को पूजा भट्ट ने लताड़ा, कहा- गंजों कंघा के लिए मत लड़ो

पूजा भट्ट.
पूजा भट्ट.

अनलॉक 1 (Unlock) के बाद सिनेमाघरों के खुलने की आहट पर आपस में फिल्म जगत के लोग टकरा गए हैं. उनमें डेट्स और घाटे को लेकर गहमा-गहमी चल रही है.

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मुंबई. लॉकडाउन (Lockdown) के बाद शुरू हुए अनलॉक 1 में दोबारा शूटिंग शुरू होने और इस बात के आसार पर की कि जल्द ही सिनेमाघर खोल दिए जाएंगे अचानक प्रोड्यूसर्स और एग्जिबिटर्स के बीच झगड़ा शुरू हो गया है. दरअसल, इस बात को लेकर प्रोड्यूसर्स, डिस्ट्रिब्यूटर्स और एग्जिबिटर्स में आम सहमति नहीं बन पा रही है कि किस फिल्म की रिलीज किस हिसाब रखी जाए. किस फिल्म को कितनी स्क्रीन दी जाए. पहले तय तारीखों को में उथल-पुथल किया जाए या जो तारीखें कोरोना के वजह से शिफ्ट हुई हैं उन्हें उसी अनुसार आगे बढ़ा दिया है.

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्मों के प्रदर्शन में कितनी चिल्लमचिल्ली होती है. अब प्रोड्यूसर्स अपने मन माफिक डेट्स चाहते हैं जबकि एग्जिबिटर्स खुद को हुए नुकसान की भरपाई भी चाहते हैं और प्रोड्यूसर्स को इसके लिए तैयार रहने को कह रहे हैं, इस लड़ाई में इन दिनों में वाक-युद्ध चल रहे हैं. इसी बीच फिल्म अभिनेत्री और निर्माता पूजा भट्ट (Pooja Bhatt) ने अपनी राय व्यक्त की है.

पूजा भट्ट ने किसी एक पक्ष की ओर झुकने के बजाए दोनों ही पक्षों को तलाड़ा है. पूजा भट्ट ने कहा, "प्रोड्यूसर्स और एग्जिबिटर्स के बीच चल रही लड़ाई, दो गंजों के बीच कंघे के ‌लिए के चल रही लड़ाई जैसा है. ऑडिएंस कहां हैं?" पूजा भट्ट दोनों पक्षों को गंजा बताते हुए कहा कि वो एक बेमतलब की चीज कंघे के लिए लड़ रहे हैं जबकि कंघा दोनों के ही मतलब का नहीं है.





उनका साफ इशारा है कि उन्हें ऐसा लगता है कि अगर बहुत लड़ाई के बाद इन दिनों सिनेमाघरों को खोल भी दिए और फिल्मों की रिलीज शुरू कर दी गई तो उन्हें देखने के लिए ऑडिएंस नहीं मिलेंगे. ‌मिलेंगे भी तो नगण्य. ऐसे में किसी फिल्म की रिलीज को लेकर इस तरह से आपस में भिड़ने का कोई मतलब नहीं है.

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