जब हीरो नहीं विलेन बनकर बॉलीवुड में छा गए थे राज बब्बर, प्यार के लिए छोड़ दिया था घर

राज बब्बर की जिंदगी और उनके फ़िल्मी सफ़र की तरफ नज़र डालें तो पाएंगे कि फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाने वाला ये अभिनेता अपने साथ एक ऐसी फ़िल्मी कहानी लेकर चल रहा है] जिसको लिख पाना बड़े-बड़े दिग्गज लेखकों के वश की बात नहीं.

Akashdeep Shukla | News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:59 AM IST
जब हीरो नहीं विलेन बनकर बॉलीवुड में छा गए थे राज बब्बर, प्यार के लिए छोड़ दिया था घर
राज बब्बर
Akashdeep Shukla | News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 4:59 AM IST
23 जून, 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंंडला में जन्मे राज बब्बर आज 67 साल के हो गए हैं. अब उनकी पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर ही नहीं एक नेता के तौर पर भी होती है. कांग्रेस पार्टी के दिग्गज और जुझारू नेताओं में गिने जाने वाले राज बॉलीवुड में भी अपनी जबर्दस्त एक्टिंग से दर्शकों को दीवाना बनाने में कसर नहीं छोड़ते थे.

राज बब्बर की जिन्दगी और उनके फ़िल्मी सफ़र पर नज़र डालें तो आप पाएंगे कि फिल्मों में अलग अलग किरदार निभाने वाला ये अभिनेता अपने साथ एक ऐसी फ़िल्मी कहानी लेकर चल रहा है, जिसको लिख पाना बड़े-बड़े दिग्गज लेखकों के वश की बात नहीं.

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राज बब्बर 6 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे. राज NSD के 1972-75 बैच से एक्टिंग ग्रेजुएट हैं. 5 साल ठोकरें खाने के बाद राज बब्बर ने 1977 में आई फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में कदम रखा. 'इन्साफ का तराजू' और 'आज की आवाज़' जैसी फिल्मों के हिट होने के बाद राज बब्बर की दीवानगी दर्शकों के बीच देखने लायक थी. 'इंसाफ का तराजू' में राज ने एक बलात्कारी की भूमिका निभाई थी. इस किरदार से राज बब्बर को काफी लोकप्रियता मिली थी. वहीं, अमिताभ और राज के बीच मनमुटाव की खबरें भी बॉलीवुड में चर्चा में बनी रहीं.

बताया जाता है कि अमिताभ की वजह से कई बार राज बब्बर को मिलने वाली फ़िल्में उनके हाथ से निकल गईं. ऐसा ही एक किस्सा फिल्म 'नमक हलाल' से जुड़ा है. बताते हैं कि इस फिल्म में डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने राज बब्बर को चुना था, लेकिन अमिताभ ऐसा नहीं चाहते थे. अमिताभ की चाहत थी कि इस फिल्म में उनके साथ कोई पॉपुलर फेस हो जिसकी वजह से राज बब्बर की जगह उनका रोल शशि कपूर को दिया गया. हालांकि, प्रकाश मेहरा को ये बात काफी बुरी भी लगी थी.


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राज बब्बर के फ़िल्मी सफर के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही. राज बब्बर की जिन्दगी में प्यार ने दो बार दस्तक दी और वो भी ऐसी दस्तक जिसकी आवाज़ दूर-दूर तक सुनाई दी. बताते हैं कि राज बब्बर जब फ़िल्मों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब उनकी मुलाकात फिल्म निर्देशक नादिरा से हुई. ये मुलाक़ात कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला और साल 1975 में दोनों ने शादी कर ली.

साल 1982 में जब राज ने अभिनेत्री स्मिता पाटिल के साथ फिल्म 'भीगी पलकें' में काम किया तो वो स्मिता के शांत स्वभाव से इतना प्रभावित हुए कि उन्हें स्मिता से प्यार हो गया. इसकी खबर मिलते ही नादिरा ने राज के सामने ये शर्त रख दी कि वो उनमें और स्मिता में से किसी एक को चुन लें.



इसके बाद राज ने घर छोड़ दिया और स्मिता के साथ अपनी दुनिया बसा ली. प्रतीक राज बब्बर और स्मिता के बेटे हैं. वहीं नादिरा के साथ शादी के बाद राज के बेटे-बेटी आर्य बब्बर और जूही बब्बर हैं. स्मिता पाटिल के देहांत के बाद राज बब्बर फिर से अपनी पहली पत्नी नादिरा के साथ रहने लगे.

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First published: June 23, 2019, 4:59 AM IST
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