राजीव खंडेलवाल बोले- बड़े स्टार और चमक-दमक वाली फिल्में अब सफलता की गारंटी नहीं!

बड़े स्टार अब फिल्म की सफलता का पैमाना नहीं. (फोटो साभार : Rajeev Khandelwal / twitter)

बड़े स्टार अब फिल्म की सफलता का पैमाना नहीं. (फोटो साभार : Rajeev Khandelwal / twitter)

बॉलीवुड एक्टर राजीव खंडेलवाल (Rajeev Khandelwal) का कहना है कि वो दिन गए, जब बड़े एक्टर की फिल्म सफलता का मापदंड होती थी. सभी इंडस्ट्री की तरह बॉलीवुड में भी काफी बदलाव आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 11:31 PM IST
  • Share this:
मुंबई. बॉलीवुड के वर्सेटाइल एक्टर माने जाने वाले राजीव खंडेलवाल (Rajeev Khandelwal ) का मानना है कि बदलते समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी बदलाव आया है. टीवी होस्टिंग करने वाले राजीव लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री को काफी करीब से देख रहे हैं. सन 2008 में फिल्म ‘आमिर’ (Aamir) से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले राजीव को अब काफी बदलाव नजर आ रहा है. राजीव का कहना है कि कोविड 19 महामारी ने बॉलीवुड से जुड़े लोगों को भी सबक दिया है.

एक एंटरटेनमेंट पोर्टल से बात करते हुए राजीव खंडेलवाल ने कहा कि ‘ओटीटी पर दर्शकों की संख्या में इजाफा हुआ है. ओटीटी से कई छोटी बजट की फिल्मों को वैश्विक स्तर पर देखे जाने की सुविधा मिली है. ऐसी फिल्मों को भी एक जगह मिली है, जो पहले डिब्बे में बंद हो जाया करती थी. ओटीटी बूम का ही नतीजा है कि आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurana), राजकुमार राव (Rajkumar Rao) जैसे एक्टर की मांग बढ़ी है. इनके काम को सराहा जा रहा है. दर्शक अब अलग-अलग कंटेट पर बनी फिल्में देखना पसंद कर रहे हैं. दर्शकों के सामने अब काफी ऑप्शन है. इसलिए कुछ भी अंट-शंट देखने के लिए तैयार नहीं है. कभी बड़े बड़े स्टार्स के नाम पर चमक धमक वाली फिल्मों अब कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही हैं. मनोरंजन को लेकर लोगों की आदत में एक बड़ा बदलाव आया है.

राजीव खंडेलवाल का कहना है कि ‘बड़े बजट की फिल्में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो रही है. ओटीटी के थिएटर के विकल्प के रूप में उभरने से फिल्म इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर बदलाव दिख रहा है और ये भारतीय सिनेमा के हित में है.

टेलीविजन से अपने करियर को शुरू करने वाले राजीव खंडेलवाल ने बॉलीवुड में भी कई सफल फिल्में की हैं. राजीव ने जब बड़े पर्दे का रुख किया, उस समय टीवी इंडस्ट्री के चेहेते कलाकारों में से एक थे. फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू भी ‘आमिर’ फिल्म से किया जो उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. हालांकि एक कलाकार के तौर पर इस फिल्म को करने का फैसला काफी जोखिम भरा था, लेकिन आज 12 साल बाद भी राजीव अपने फैसले पर खुश हैं, क्योंकि उन्होंने फिल्मी पंडितों को गलत साबित कर दिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज